शादी-ब्याह के बीच गैस का अकाल: अब चूल्हे पर नहीं, कोयले की भट्टी पर पक रहा मेहमानों का खाना

शादियों के व्यस्त सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय को एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की भीषण कमी का सामना करना पड़ रहा है।मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण गैस के विकल्प के रूप में कोयले की भट्टी जैसे पुराने तरीकों को अपनाने पर विचार करना शुरू कर दिया

शादियों के व्यस्त सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय को एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की भीषण कमी का सामना करना पड़ रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण राजधानी समेत कई इलाकों में कैटरर्स ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है। संचालकों का कहना है कि स्टॉक खत्म हो चुका है और बुकिंग के लिए टोल-फ्री नंबर तक नहीं लग रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई संचालकों ने अब गैस के विकल्प के रूप में कोयले की भट्टी जैसे पुराने तरीकों को अपनाने पर विचार करना शुरू कर दिया है।

आसमान छूती कीमतें और युद्ध का वैश्विक असर 

व्यापारियों का मानना है कि इस संकट के पीछे वैश्विक तनाव (यूएस-इजरायल-ईरान युद्ध) एक बड़ा कारण है, जिससे कॉमर्शियल और घरेलू गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इस किल्लत के चलते कालाबाजारी भी बढ़ गई है। जो कॉमर्शियल सिलेंडर आमतौर पर ₹2500 में उपलब्ध होता था, उसकी कीमत अब ₹4000 से ₹5000 तक पहुँच गई है। इतनी भारी लागत के कारण कैटरर्स के लिए पुराने 'पर प्लेट' रेट पर काम करना असंभव हो गया है, जिससे कई बड़े प्रोजेक्ट्स घाटे में जा रहे हैं।

शादियों की बुकिंग रद्द और रोजगार पर संकट 

गैस की अनुपलब्धता और बढ़ी हुई लागत का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है। कैटरर्स द्वारा बजट बढ़ाने के कारण लोग शादियों के प्रोग्राम कैंसिल कर रहे हैं। अनमेश इवेंट्स और उत्सव कैटरर्स जैसे संचालकों के अनुसार, एजेंसी संचालक एक प्रोग्राम के लिए आवश्यक पांच सिलेंडरों के बजाय बमुश्किल एक ही सिलेंडर दे पा रहे हैं। इस संकट ने न केवल व्यापार को ठप किया है, बल्कि कैटरिंग में काम करने वाले दिहाड़ी कारीगरों और कर्मचारियों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है।

सरकारी नियम और आपूर्ति के नए दिशानिर्देश 

जिला आपूर्ति के अनुसार, एलपीजी आपूर्ति पर यह रोक अस्थायी है और वैश्विक बाधाओं के कारण उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं। प्रशासन ने फिलहाल कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति केवल अस्पतालों और सरकारी संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए सीमित कर दी है। इसके अलावा, घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है; अब 15 दिन के बजाय 25 दिन के अंतराल पर ही नया सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। अप्रैल में शादियों के अगले बड़े सीजन को देखते हुए फिलहाल राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं।