गौरव राय ने पेश की मिसाल ! मोकामा में पिता की मौत के बाद मेघावी बेटी के बने सहारा, साइकिल से पढ़ाई तक का सहयोग

गौरव राय ने परिवार को भरोसा दिलाया कि बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज के सहयोग से बच्चों को इस कठिन परिस्थिति से उबरने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

Gaurav Rai- फोटो : news4nation

Bihar News :  किसी परिवार के सदस्य की हत्या का दर्द कभी कम नहीं किया जा सकता, लेकिन दुख की इस घड़ी में परिवार का सहारा बनकर बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश जरूर की जा सकती है। इसी भावना के साथ पटना के सामाजिक कार्यकर्ता गौरव राय रविवार को मोकामा के मरांची पहुंचे और दिवंगत रामप्रवेश सिंह के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने रामप्रवेश सिंह की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी शिवानी कुमारी को साइकिल भेंट की, ताकि उसकी पढ़ाई में आने-जाने की परेशानी बाधा न बने।


गौरव राय ने बताया कि कुछ दिन पहले रामप्रवेश सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। उन्होंने कहा कि किसी की हत्या बेहद दुखद होती है और इसका सबसे गहरा असर पीछे छूट गए परिवार पर पड़ता है। मृतक की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन परिवार को इस कठिन समय में सहयोग देकर बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने की कोशिश की जा सकती है।


 बच्चों की पढ़ाई में भी करेंगे मदद

गौरव राय ने बताया कि शिवानी को दी गई साइकिल उनके बड़े भाई और भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व प्रबंधक अरविंद कुमार ने उपलब्ध कराई है। इस दौरान मृतक रामप्रवेश सिंह के बहनोई पंकज कुमार, जो सरमेरा के चेरो निवासी हैं, और मोकामा के युवा व्यवसायी रवीश कुमार भी मौजूद थे। 


गौरव राय ने परिवार को भरोसा दिलाया कि बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने मृतक के बहनोई पंकज कुमार से कहा कि बच्चों की शिक्षा पर होने वाले खर्च की जानकारी उन्हें दें। वह अपने वेतन से दोनों बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करेंगे। परिवार को अपना मोबाइल नंबर देते हुए उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं और परिवार की जरूरतों के अनुसार मदद करने का प्रयास करेंगे। शिवानी ने एक साल तक ऑनलाइन पढ़ाई करने की इच्छा भी जताई। इस पर गौरव राय ने कहा कि परिवार की जरूरत और सहमति के अनुसार शिवानी और उसके भाई की पढ़ाई पर होने वाला खर्च उपलब्ध कराया जाएगा।


स्कूल के प्राचार्य का सहयोग 

गौरव राय ने शिवानी की पढ़ाई को लेकर उसके विद्यालय के प्राचार्य से भी बातचीत की। प्राचार्य ने भरोसा दिया कि वह शिवानी की मैट्रिक तक की पढ़ाई का खर्च वहन करेंगे। गौरव राय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि समाज के लोग इसी तरह जागरूक होकर जरूरतमंद बच्चों की जिम्मेदारी उठाने लगें, तो समाज में काफी सकारात्मक बदलाव आ सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना केवल एक परिवार की मदद करना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाना है।


भूमिहार महिला समाज भी करेगा परिवार की मदद

रामप्रवेश सिंह के परिवार की सहायता के लिए भूमिहार महिला समाज की संस्थापक प्रीति प्रिया ने भी सहमति जताई है। उन्होंने जल्द ही परिवार से मिलकर आवश्यक सहयोग करने की बात कही है। गौरव राय ने मृतक की पत्नी से बातचीत के दौरान उन्हें हिम्मत रखने और बच्चों को मजबूत बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आगे चलकर बच्चे ही परिवार का सहारा बनेंगे। इसलिए इस मुश्किल समय में उनकी पढ़ाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।


परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर जताई चिंता

मृतक के बहनोई पंकज कुमार ने बताया कि मामले के दो नामजद आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी को परिवार के लोगों ने पकड़ लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई सुस्त है और परिवार अब भी दहशत में है।गौरव राय ने कहा कि उनकी प्राथमिकता दोनों बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने और परिवार को हरसंभव सहयोग देने की होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज के सहयोग से बच्चों को इस कठिन परिस्थिति से उबरने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।


गौरव राय जरूरतमंदों को साइकिल, सिलाई मशीन और शिक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि समाज के लोग अलग-अलग जगहों पर रहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर एकजुट होकर किसी जरूरतमंद की मदद कर सकते हैं।