स्वरोजगार की ओर एक कदम, गौरव राय की पहल पर मशीन बनी आत्मनिर्भरता का औज़ार

गौरव राय ने कहा कि उनके सामाजिक कार्यों से प्रेरित होकर अब कई लोग उनसे जुड़ रहे हैं। लोग जरूरतमंदों के लिए सिलाई मशीन या साइकिल उपलब्ध करवा रहे हैं।

Gaurav Rai- फोटो : news4nation

Bihar News : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की गौरव राय की पहल के तहत पटना के बिग्रहपुर इलाके में शुक्रवार को स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास किया गया। जहानाबाद जिले के ग्राम गंधार, बंधुगंज की रहने वाली छात्रा मुन्नी कुमारी को सिलाई मशीन प्रदान की गई, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके और अपने परिवार के भरण-पोषण में सहयोग कर सके। इस अवसर पर युवा सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम राज भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिलाई मशीन महिलाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन रही है और यह उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।


कार्यक्रम में उपस्थित गौरव राय ने बताया कि छात्रा की रुचि सिलाई-कटाई में है। जब पुरुषोत्तम राज से उसके पारिवारिक हालात की जानकारी मिली, तो उसे आत्मनिर्भर बनाने की पहल का निर्णय लिया गया। गौरव राय ने बताया कि दिल्ली में रहने वाले उनके भाई पाणिनी तिवारी के सहयोग से सिलाई मशीन की व्यवस्था की गई।


गौरव राय ने कहा कि उनके सामाजिक कार्यों से प्रेरित होकर अब कई लोग उनसे जुड़ रहे हैं। लोग अपने परिवार के खुशी या पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर जरूरतमंदों के लिए सिलाई मशीन या साइकिल उपलब्ध करवा रहे हैं। बिना किसी एनजीओ के, अपने व्यक्तिगत प्रयासों से शुरू हुआ यह अभियान आज 280 सिलाई मशीनों तक पहुंच चुका है।


उन्होंने बताया कि अब तक परिवार, मित्रों और सोशल मीडिया के सहयोग से पूरे बिहार में 280 महिलाओं को सिलाई मशीन दी जा चुकी है, जिससे महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसके साथ ही 323 जरूरतमंदों को साइकिल उपलब्ध कराई गई है और 151 विद्यालयों व कॉलेजों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगवाई जा चुकी हैं।


एक निजी कंपनी में कार्यरत गौरव राय ने कहा, “जाति दो ही है—एक अमीर और एक गरीब। मेरा उद्देश्य है कि इस वर्ष करीब 125 नए क्षेत्रों में महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके समूह के कई सदस्य एक-दूसरे को जानते तक नहीं हैं, लेकिन सभी का उद्देश्य एक है—जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना।