Bihar Road scam: रोड के ठेकेदारों पर सरकार ने कसा शिकंजा,कागज नहीं, जमीन पर होगी जांच, धराने पर ठेका होगा रद्द और खर्च की होगी वसूली

Bihar Road scam: बिहार की सियासत में अब काम बनाम कलंक की जंग तेज होती दिख रही है। ग्रामीण इलाकों की सड़कों और पुलों पर उठते सवालों के दरम्यान, सरकार ने आखिरकार सख्ती का बिगुल फूंक दिया है।

सड़कों की सच्चाई जांचने निकली सरकार- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Road scam:  बिहार की सियासत में अब काम बनाम कलंक की जंग तेज होती दिख रही है। ग्रामीण इलाकों की सड़कों और पुलों पर उठते सवालों के दरम्यान, सरकार ने आखिरकार सख्ती का बिगुल फूंक दिया है। ग्रामीण कार्य विभाग ने पारदर्शिता के दावे को जमीन पर उतारने के लिए 9 से 11 अप्रैल तक सूबेभर में एक बड़ा निरीक्षण अभियान छेड़ दिया है। यह महज एक रस्मी कवायद नहीं, बल्कि उन तमाम ठेकेदारों और अफसरों के लिए खुला पैगाम है, जिन पर अब तक ढिलाई और मिलिभगत के साये मंडराते रहे हैं। अभियंता प्रमुख जयकिशोर ठाकुर के फरमान पर 82 वरिष्ठ जांच पदाधिकारियों को मैदान में उतारा गया है, जो अलग-अलग प्रमंडलों में जाकर योजनाओं की जमीनी हकीकत का भौतिक सत्यापन करेंगे। इन अफसरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे महज कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रहें, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रयोगशालाओं की मौजूदगी तक हर पहलू की बारीकी से जांच करें।

इस सियासी मुहिम का असल मकसद सिर्फ काम की रफ्तार नहीं, बल्कि काम की सच्चाई को बेनकाब करना है। निविदा से लेकर एकरारनामा, बीमा, परफॉरमेंस सिक्यूरिटी और मौके पर मौजूद संसाधनों तक हर बिंदु को चेकलिस्ट के दायरे में लाया गया है। खास तौर पर उन परियोजनाओं पर नजरें टिकी हैं, जहां 15 फीसदी से कम दर पर टेंडर मंजूर हुए हैं क्योंकि यहीं से अक्सर घोटाले की गंध उठती रही है।

हमारा बिहार हमारी सड़क ऐप के जरिए जनता की शिकायतों का भी हिसाब-किताब लिया जाएगा, ताकि आम आदमी की आवाज फाइलों में दबकर न रह जाए। वहीं, जियोटैग तस्वीरों, मिट्टी कटाई, खनन चालान और बिटुमेन की जांच के जरिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश है।

अगर जांच में किसी सड़क की हालत खस्ता पाई गई, तो ठेकेदारों को महज 7 दिनों की मोहलत दी जाएगी वरना ठेका रद्द और खर्च की वसूली जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे। साफ है, अब बिहार में सड़कों का खेल रफ्तार से नहीं, जवाबदेही से तय होगा।