Patna road: सड़क-फ्लाइओवर की बदहाली पर एक्शन मोड में सरकार, अफसरों को टाइम-बाउंड अल्टीमेटम, किन-किन सड़कों पर मिली खामियां? क्या-क्या होंगे सुधार? पढ़िए

Patna road: जेपी गंगा पथ, अटल पथ, पाटली पथ और राजा बाजार-रुपसपुर जैसे अहम मार्गों का मुआयना करते हुए सचिव ने राइडिंग क्वालिटी, तकनीकी खामियों और ट्रैफिक जाम की असल वजहों को बारीकी से परखा। ...

अफसरों को टाइम-बाउंड अल्टीमेटम- फोटो : reporter

Patna road:  राजधानी की सड़कों और फ्लाइओवरों की खस्ता हालत पर अब सियासी-प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आने लगी है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने खुद मैदान में उतरकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया और साफ लफ्जों में फरमान जारी कर दिया काम में कोताही अब कतई मंजूर नहीं होगी। यह महज एक निरीक्षण नहीं, बल्कि सिस्टम को पटरी पर लाने की सख्त चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। जेपी गंगा पथ, अटल पथ, पाटली पथ और राजा बाजार-रुपसपुर जैसे अहम मार्गों का मुआयना करते हुए सचिव ने राइडिंग क्वालिटी, तकनीकी खामियों और ट्रैफिक जाम की असल वजहों को बारीकी से परखा। उन्होंने अफसरों को दो टूक कहा कि तय वक्त के अंदर हर खामी को दुरुस्त किया जाए, वरना जवाबदेही तय होगी।

निरीक्षण के दौरान अटल पथ और नेहरू पथ पर लेवल अंतर जैसी गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं, जिन्हें 15 दिनों के भीतर ठीक करने का हुक्म दिया गया। वहीं शिवपुरी और दीघा फ्लाइओवर के एप्रोच में आई गड़बड़ी को महज 3 दिनों में सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया, जो विभाग की सख्त मंशा को जाहिर करता है।

जेपी गंगा पथ पर भी कई खामियां उजागर हुईं कुर्जी के पास स्लैब धंसने और गायघाट से कंगनघाट तक सड़क में अंडुलेशन की समस्या को लेकर सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तय समय-सीमा में सुधार हर हाल में पूरा हो। पाटली पथ की जर्जर हालत पर भी नाराजगी जताते हुए नई डीपीआर जल्द पेश करने का आदेश दिया गया।

राजा बाजार फ्लाइओवर के पास लगने वाले भीषण जाम को खत्म करने के लिए सचिव ने कई अहम फैसले लिए। पेड़ों की कटाई, बस स्टॉप और पोल हटाने, यहां तक कि मंदिर के पुनर्स्थापन तक के मसले पर प्रशासनिक तालमेल से जल्द कार्रवाई का निर्देश दिया गया। यह दिखाता है कि सरकार अब ट्रैफिक जाम के मुद्दे पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।

आशियाना-दीघा पथ पर अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश भी इसी सख्त रवैये का हिस्सा है। वहीं आर-ब्लॉक से पटना जंक्शन तक जाम की स्थायी समाधान के लिए 256 करोड़ की लागत से नए फोर-लेन प्रोजेक्ट की तैयारी को हरी झंडी मिल चुकी है। साफ है, अब सरकार का फोकस सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि जमीन पर नतीजे दिखाने पर है। सचिव का यह सख्त रुख प्रशासनिक अमले के लिए एक स्पष्ट पैगाम है काम करो या जवाब दो।