Bihar Crime:अपराधियों का डिजिटल आतंक, व्हाट्सएप पर मांगी 1 लाख की रंगदारी, रकम न देने पर अस्पताल संचालक को दी गोली मारने की धमकी
Bihar Crime: अब बदमाश डिजिटल रास्ते से दहशत फैलाने में जुट गए हैं। व्हाट्सएप के जरिए एक अस्पताल संचालक से रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है...
Bihar Crime: बिहार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी ताजा मिसाल हाजीपुर से सामने आई है, जहां अब बदमाश डिजिटल रास्ते से दहशत फैलाने में जुट गए हैं। व्हाट्सएप के जरिए एक अस्पताल संचालक से रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे कारोबारी वर्ग में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, हाजीपुर स्थित आदर्श इमरजेंसी हॉस्पिटल के डायरेक्टर मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव को देर रात एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज मिला। इस मैसेज में साफ तौर पर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और चेतावनी दी गई कि अगर तय समय पर रकम नहीं दी गई तो गोली मार दी जाएगी।
पीड़ित संचालक के अनुसार, रात में सोने से पहले जैसे ही उन्होंने मोबाइल देखा, यह धमकी भरा मैसेज सामने आया। मैसेज पढ़ते ही परिवार में दहशत फैल गई। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर ‘टेक्नोलॉजी का सहारा’ ले रहे हैं। व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर वे बिना सामने आए ही लोगों को डराने और पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।
इधर, घटना के बाद व्यापारिक समुदाय में खासा डर देखने को मिल रहा है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि अगर अस्पताल जैसे संस्थानों के संचालक भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम कारोबारी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें? पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से उस मोबाइल नंबर को ट्रैक किया जा रहा है, जिससे धमकी भरा मैसेज भेजा गया था। साथ ही, पीड़ित और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने का भी भरोसा दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे की ओर इशारा कर रही है। सवाल यह है कि क्या अपराधियों का यह डिजिटल रंगदारी मॉडल आने वाले दिनों में और फैलने वाला है, या फिर पुलिस इस पर समय रहते लगाम कस पाएगी?
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार