Bihar News : बिहार की मीठी सफलता ! 10 वर्षों में 177% बढ़ा शहद उत्पादन, कृषि मंत्री ने किया ऐलान, कहा- जल्द आएगी नई 'मधु नीति'

Bihar News : बिहार में पिछले 10 वर्षों में शहद उत्पादन 177 फीसदी बढ़ा है. कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा की बिहार में जल्द ही नई मधु नीति लायी जाएगी......पढ़िए आगे

बिहार की मीठी सफलता - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के विशेष प्रयासों से राज्य ने मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन में ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने घोषणा की है कि पिछले 10 वर्षों में राज्य के शहद उत्पादन में 177 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। इस सफलता को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए सरकार जल्द ही एक 'नई मधु नीति' लाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शहद के प्रसंस्करण (Processing), गुणवत्ता जांच, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है, ताकि बिहार के किसानों को वैश्विक बाजारों में उचित मूल्य मिल सके।

आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत के कुल शहद उत्पादन में बिहार का योगदान 12.30 प्रतिशत रहा है, जो राज्य को देश के शीर्ष उत्पादक राज्यों की श्रेणी में खड़ा करता है। वर्तमान में बिहार का वार्षिक मधु उत्पादन लगभग 18,600 मीट्रिक टन है। कृषि विभाग ने इस रफ्तार को बढ़ाते हुए वर्ष 2025-26 के लिए 22,000 मीट्रिक टन उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री ने बताया कि यह प्रगति न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि ग्रामीण उद्यमिता के लिए भी शुभ संकेत है।

राज्य सरकार की 'मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन योजना' मुख्य रूप से छोटे, सीमांत, भूमिहीन परिवारों और विशेषकर महिलाओं व ग्रामीण युवाओं पर केंद्रित है। मंत्री ने इसे 'छोटी पहल-बड़ा लाभ' की अवधारणा बताते हुए कहा कि यह योजना कम लागत और कम समय में अतिरिक्त आय का स्थायी जरिया बन रही है। इससे न केवल पोषण सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे युवाओं का पलायन रोकने में मदद मिल रही है।

मधुमक्खी पालन का लाभ केवल शहद तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह प्राकृतिक परागण (Pollination) के जरिए फल, सब्जी और तिलहनी फसलों की पैदावार और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योजना के तहत सरकार किसानों को मधुमक्खी कॉलोनी, छत्ता बॉक्स, हनी एक्सट्रैक्टर और फूड-ग्रेड कंटेनर जैसे आधुनिक उपकरणों पर भारी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके साथ ही वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पैकेजिंग और परीक्षण सुविधाओं को भी जिला स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।

अंत में, कृषि मंत्री ने बिहार की 'मधु क्रांति' को एक जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर इस योजना का लाभ उठाएं। सरकार का लक्ष्य बिहार को शहद उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाना है, जिससे कृषि क्षेत्र में विविधता आए और किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि हो सके।