न्यजू4नेशन की खबर का असर : अरेराज में घटिया नाला निर्माण कार्य पर पथ निर्माण विभाग ने लगाई रोक, जांच के दिए आदेश
Bihar News : बिहार में विकास योजनाओं की गुणवत्ता को लेकर सरकार सख्त रुख अपना रही है। मोतिहारी पथ प्रमंडल के अंतर्गत अरेराज बाजार में नाला निर्माण की खराब गुणवता की खबर मिलते ही विभाग ने तत्काल एक्शन लेते हुए कार्य पर रोक लगा दिया है....
Patna : बिहार में विकास योजनाओं की गुणवत्ता को लेकर सरकार सख्त रुख अपना रही है। ताजा मामला मोतिहारी पथ प्रमंडल के अंतर्गत अरेराज बाजार का है, जहां मोतिहारी-तुरकौलिया-गोविन्दगंज स्टेट हाईवे पर बन रहे नाले के निर्माण कार्य पर पथ निर्माण विभाग ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। नाले के निर्माण में बड़े पैमाने पर गुणवत्ता की कमी और अनियमितता पाए जाने के बाद विभाग द्वारा यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर विभाग का एक्शन
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर इस नाले के निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे और इससे जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे। जैसे ही यह मामला पथ निर्माण विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में आया, विभाग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग ने बिना वक्त गंवाए इस पूरे निर्माण कार्य की जमीनी जांच कराने के आदेश जारी कर दिए।
बनते ही दरक गया नाला, जांच में खुली पोल
विभाग द्वारा गठित टीम ने जब निर्माण स्थल पर पहुंचकर जांच की, तो सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवाल पूरी तरह सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि निर्माणाधीन नाला बनते ही कई जगहों से दरक गया है और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। कंक्रीट के जमने से पहले ही नाले का टूटना साफ तौर पर निर्माण में बरती गई भारी लापरवाही और घटिया स्तर की निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को बयां कर रहा था।
निर्माण एजेंसी 'मेसर्स विकास कुमार केशव' को अल्टीमेटम
जांच में पोल खुलने के बाद पथ निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य में लगी संबंधित एजेंसी 'मेसर्स विकास कुमार केशव' को तत्काल काम रोकने का फरमान सुनाया है। इसके साथ ही विभाग ने एजेंसी को कड़ा निर्देश दिया है कि नाले के निर्माण में अब तक इस्तेमाल की गई सभी तरह की निर्माण सामग्रियों (सीमेंट, बालू, गिट्टी आदि) की लैब जांच कराई जाए। जब तक सामग्रियों की गुणवत्ता रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक वहां किसी भी तरह का काम शुरू नहीं करने की हिदायत दी गई है।
पूरी जांच के बाद ही आगे शुरू हो सकेगा निर्माण कार्य
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि राज्य में चल रही किसी भी बुनियादी ढांचा परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग के अनुसार, अब निर्माण सामग्री और नाले के डिजाइन की पूरी तकनीकी जांच होने के बाद ही आगे की रूपरेखा तय होगी। यदि जांच में एजेंसी की संलिप्तता या जानबूझकर की गई धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालने) करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बताते चले कि मोतीहारी के अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ महादेव नगरी में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसकी खबर न्यूज4नेशन ने प्रमुखता से चलाया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह विकास कार्य कागजों पर भले ही चमकदार दिखता हो, लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह उलट है। आईटीआई कॉलेज से जनेरवा तक करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस प्रोजेक्ट में भारी अनियमितताओं की बात सामने आ रही है।
आरोप है कि नाले की ढलाई रात के समय की जा रही है और सुबह होते ही उसकी सतह पर दर्जनों दरारें दिखाई देने लगती हैं, मानो सूखी जमीन में जाल बिछ गया हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस्तेमाल हो रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे ढलाई के तुरंत बाद ही दरारें पड़ जा रही हैं। कई जगह तो स्थिति यह है कि सुबह दरारें देखकर मजदूरों द्वारा तुरंत पैचिंग कर उसे ढकने की कोशिश की जाती है और काम आगे बढ़ा दिया जाता है।दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने इस पूरे निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह का निर्माण हो रहा है, वह कुछ ही महीनों में ध्वस्त हो सकता है और यह सरकारी धन की सीधी बर्बादी है।