नौबतपुर के नगवां गांव में गन्ना नर्सरी, कृषि यंत्र बैंक और गुड़ उद्योग का उद्घाटन: मंत्री संजय कुमार बोले- गन्ने की खेती को उद्योग के रूप में अपनाएं किसान
Patna : पटना के नौबतपुर प्रखंड के नगवां गांव में बुधवार को गन्ना नर्सरी, कृषि यंत्र बैंक एवं गुड़ उद्योग का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर एक विशाल किसान संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के तमाम किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मंत्री संजय कुमार का बयान- गन्ने की खेती को उद्योग के रूप में अपनाएं किसान, मिल रहा 70% तक अनुदान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि नब्बे के दशक में बिहार में गन्ना की खेती का स्वर्णिम दौर था, जिसे अब सामूहिक प्रयासों से फिर से वापस लाया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे गन्ने की खेती को केवल पारंपरिक कृषि कार्य न मानकर एक उद्योग के रूप में अपनाएं। सरकार गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 से 70 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है और जल्द ही वारिसलीगंज में चीनी मिल की आधारशिला रखी जाएगी।
गन्ना आयुक्त और विभाग के सचिव ने साझा कीं नई योजनाएं
गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए धान के साथ-साथ गन्ने की खेती पर भी विशेष जोर देने की बात कही और बताया कि बिहार में तीन नई चीनी मिलें शुरू होने जा रही हैं। वहीं, विभाग के सचिव धर्मेंद्र कुमार ने नगवां में गुड़ मिल के संचालक रवि रंजन कुमार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि नर्सरी से पौधे लेकर खेती करने वाले किसानों को भी सरकार द्वारा विशेष अनुदान दिया जाएगा।
अगले तीन वर्षों में नौबतपुर की 30 प्रतिशत भूमि पर गन्ने की खेती का लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान पटना जिला कृषक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि अगले तीन वर्षों में नौबतपुर प्रखंड की कुल कृषि भूमि के 30 प्रतिशत हिस्से में गन्ने की खेती कराने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों के सहयोग से इस लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक एवं गुड़ मिल संचालक रवि रंजन कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में गन्ना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बीके द्विवेदी समेत विभाग के कई अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। इस पहल से क्षेत्र के किसानों में आधुनिक तकनीक के जरिए गन्ने की खेती के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है।