भ्रष्टाचार का 'कुबेर' निकला SDPO: 1.94 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा, पत्नी, सास और गर्लफ्रेंड के नाम पर फैलाया काला साम्राज्य

किशनगंज के SDPO-1 गौतम कुमार अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के शिकंजे में हैं। जांच में सामने आया है कि साहब ने खाकी की धमक दिखाकर अपनी आय से 60.27% अधिक संपत्ति बटोरी है।

Patna - : बिहार पुलिस के एक रसूखदार अधिकारी और वर्तमान में किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 (SDPO) गौतम कुमार भ्रष्टाचार के गंभीर दलदल में फंस गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि गौतम कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी वैध आय से 60.27% अधिक संपत्ति अर्जित की है । आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उनकी अवैध कमाई का आंकड़ा 1 करोड़ 94 लाख 9 हजार 244 रुपये तक जा पहुँचा है । 29 मार्च 2026 को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है 

सिर्फ अधिकारी नहीं, 'बेनामी' संपत्तियों के खिलाड़ी: पूर्णिया से लेकर नेपाल सीमा तक निवेश

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम कुमार ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए रिश्तों का सहारा लिया । उन्होंने अपनी पत्नी रूबी कश्यप (जो स्वयं एक शिक्षिका हैं), सास पूनम देवी और अपनी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर करोड़ों की बेनामी जमीनें खरीदीं । पूर्णिया के डगरुआ में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के किनारे करीब तीन बीघा व्यावसायिक और आवासीय भूमि की खरीद की गई है । इतना ही नहीं, पूर्णिया के मधुबनी मोहल्ले में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान चार मंजिला मकान भी खड़ा किया गया है । जांच में सिलीगुड़ी, गंगटोक, गुड़गांव और पुणे जैसे शहरों में भी निवेश के सुराग मिले हैं 

महंगी गाड़ियों का शौक और फर्जी सिम का 'खतरनाक' खेल

डीएसपी गौतम कुमार को न केवल जमीनों बल्कि महंगी गाड़ियों का भी बेहद शौक है । उनके बेड़े में हुंडई क्रेटा और दो महिंद्रा थार जैसी गाड़ियाँ शामिल हैं, जिनमें से कुछ दूसरों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं ताकि कानून की नजरों से बचा जा सके । भ्रष्टाचार का खेल यहीं खत्म नहीं होता; जांच में यह भी पाया गया कि वे खुद को छिपाने के लिए दूसरों के नाम पर लिए गए फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करते रहे हैं । बैंक खातों में भारी मात्रा में नकदी जमा कर 'चेन ट्रांसफर' के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने की भी पुष्टि हुई है 

पूरा कुनबा शामिल: ईओयू की रडार पर पत्नी, सास और महिला मित्र

आर्थिक अपराध इकाई ने इस पूरे मामले को एक संगठित 'आपराधिक षड्यंत्र' करार दिया है । गौतम कुमार के इस भ्रष्टाचार के साम्राज्य में उनकी पत्नी, सास और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम की सक्रिय भागीदारी पाई गई है । शगुफ्ता शमीम के नाम पर साल 2019 से अब तक कुल 7 कीमती भूखंड खरीदे गए हैं, जिनका बाजार मूल्य आज करोड़ों में है । ईओयू ने साफ़ किया है कि इन सभी के खिलाफ सहयोग और दुष्प्रेरण (Abetment) का मामला बनता है । फिलहाल, अपर पुलिस अधीक्षक इंद्र प्रकाश को इस मामले की जांच सौंपी गई है और जल्द ही आरोपियों के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की संभावना है