सूर्यगढ़ा के स्कूल में घुसकर प्रधानाध्यापक से मांगी रंगदारी, जातिसूचक गाली देने का आरोप

दोनों युवकों ने विद्यालय के कार्यालय में घुसकर रजिस्टर फेंक दिए और शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कथित तौर पर हर महीने पांच हजार रुपये देने की मांग की और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी।

मध्य विद्यालय निस्ता सूर्यगढ़ा- फोटो : news4nation

Bihar News : लखीसराय के सूर्यगढ़ा स्थित मध्य विद्यालय निस्ता में घुसकर प्रधानाध्यापक से पांच हजार रुपये की रंगदारी मांगने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक युगल किशोर दास ने सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर दो युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में युवकों पर स्कूल में हंगामा करने, शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार करने और बिना अनुमति वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने का भी आरोप लगाया गया है।


प्रधानाध्यापक के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को दिन के करीब 11:30 बजे आयुष कुमार और छोटू कुमार विद्यालय पहुंचे। आरोप है कि आयुष कुमार ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर नौकरी खा जाने की धमकी दी गई। इसके बाद दोनों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। प्रधानाध्यापक का आरोप है कि युवकों ने मोबाइल से विद्यालय का वीडियो बनाया और विरोध के बावजूद उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।


आवेदन में कहा गया है कि दोनों युवकों ने विद्यालय के कार्यालय में घुसकर रजिस्टर फेंक दिए और शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कथित तौर पर हर महीने पांच हजार रुपये देने की मांग की और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। प्रधानाध्यापक ने यह भी आरोप लगाया है कि युवकों ने बच्चों को प्रलोभन देकर एनएच-80 जाम कराने का प्रयास किया, जिससे विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित हुई।


प्रधानाध्यापक का दावा है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी तीन-चार बार दोनों युवक विद्यालय आकर इसी तरह रंगदारी की मांग कर चुके हैं। उस समय उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया था।


प्रधानाध्यापक ने अपने आवेदन में शिक्षा विभाग के अपर राज्य निदेशक के 10 मई 2018 के पत्र का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि विभागीय निर्देश के अनुसार प्रधानाध्यापक की अनुमति के बिना विद्यालय परिसर में वीडियो या फोटो बनाना दंडनीय है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

रंजन की रिपोर्ट