Bihar success story: बिहार की दो सगी बहनों ने रचा इतिहास, बड़ी बहन बनीं IAS, छोटी बहन विज्ञान के क्षेत्र में रोशन कर रहीं नाम

Bihar success story: बिहार के एक छोटे से गांव की दो सगी बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और पारिवारिक सहयोग के दम पर सफलता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो युवाओं के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।...

Samastipur Sisters Shine
बिहार की दो सगी बहनों ने रचा इतिहास,- फोटो : X

Bihar success story: समस्तीपुर ज़िले के एक छोटे से क़स्बे से ताल्लुक रखने वाली दो सगी बहनों ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और पारिवारिक सहयोग के बल पर कामयाबी की ऐसी दास्तान लिखी है, जो आज के नौजवानों और अभिभावकों के लिए एक रोशन मिसाल बन चुकी है। बिथान प्रखंड के तेलनी गाँव की बाशिंदा बड़ी बहन प्राची हनी ने संघ लोक सेवा आयोगकी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अपना मुक़ाम बनाया है। वहीं, उनकी छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा  साइंस के मैदान में अपना भविष्य संवारते हुए एक वैज्ञानिक बनने की राह पर हैं।दोनों बहनों के पिता रजनीकांत वर्मा और मां चेतना कुमारी शिक्षक हैं। शिक्षक दंपती ने अपनी बेटियों को शिक्षा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। बेटियों ने भी माता-पिता के विश्वास को अपनी मेहनत से सच साबित कर दिखाया। एक ने देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा में स्थान हासिल किया, तो दूसरी ने विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा का रास्ता चुना है।

असफलताओं से नहीं टूटा प्राची हनी का हौसला

प्राची हनी के लिए IAS बनने का सफर आसान नहीं रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में रहकर UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। शुरुआती प्रयासों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी।लगातार मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने वर्ष 2025 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा भी पास की। इसके बाद UPSC के दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लिया। उनकी उपलब्धि ने तेलनी गांव सहित पूरे समस्तीपुर जिले को गौरवान्वित किया है।

छोटी बहन भी विज्ञान के क्षेत्र में बना रही पहचान

बड़ी बहन की सफलता के साथ छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा भी अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। 25 वर्षीय प्राची चंद्र वर्मा ने हैदराबाद स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय से माइक्रोबायोलॉजी में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। वह वैज्ञानिक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। विज्ञान के क्षेत्र में उनकी रुचि और शैक्षणिक प्रयास यह दिखाते हैं कि दोनों बहनों ने अपने लिए अलग-अलग लक्ष्य चुने, लेकिन उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत का रास्ता अपनाया।

सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और संस्कारों को

प्राची हनी अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के साथ दादा-दादी और चाचा-चाची को भी देती हैं। उनका कहना है कि परिवार से मिले स्नेह, सहयोग, त्याग और मजबूत संस्कारों ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। कठिन समय में परिजनों का भरोसा उनके लिए सबसे बड़ा संबल रहा।तेलनी गांव की इन दोनों बहनों की कहानी बताती है कि बेटियों को समान अवसर, बेहतर शिक्षा और परिवार का प्रोत्साहन मिले, तो वे अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। प्राची हनी की UPSC में सफलता और प्राची चंद्र वर्मा की वैज्ञानिक बनने की दिशा में जारी यात्रा आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।बहरहाल अगर बेटियों को समान अवसर आला दर्जे की शिक्षा और घरवालों का साथ मिले, तो वे हर मैदान में सरहदें पार कर सकती हैं।