Rabri Residence: लालू परिवार नहीं खाली करेगा राबड़ी आवास! सीएम नीतीश के एक फोन ने पलटी बाजी, बीजेपी नेता को क्यों लगी फटकार? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

Rabri Residence: नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को अब नया आवास मिला था ऐसे में उन्हें आपना पूरा ठिकाना यानी 10 सर्कुलर रोड जिसे राबड़ी आवास के नाम से जाना जाता है उसे छोड़ना था लेकिन सीएम नीतीश ने फिलहाल इस मामले में रोक लगा दी है।

राबड़ी आवास में ही रहेगा लालू परिवार? - फोटो : social media

Rabri Residence:  राजद सुप्रीमो लालू यादव और उनका परिवार फिलहाल राबड़ी आवास खाली नहीं करेगा। सूत्रों की मानें तो खुद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही राबड़ी आवास को खाली करने से रोक लगा दी है। दावा किया जा रहा है कि बीजेपी के बड़े नेता राबड़ी आवास को खाली करवाना चाहते थे। जब लालू परिवार को नोटिस दी गई तब सीएम नीतीश इस खबर से बेखबर थे लेकिन मीडिया में इस बात को आते ही जब खबर सीएम नीतीश तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत इस आदेश को रोक दिया। साथ ही बीजेपी नेता को फटकार भी लगाया। वहीं अब इस जानकारी के सामने आते ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। 

90 दिन बाद भी नहीं खाली हुआ बंगला 

ज्ञात हो कि, 25 नवंबर 2025 को बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने एक पत्र जारी कर विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगला आवंटित किया था। आदेश सामने आते ही सियासी हलकों में हलचल मच गई और यह चर्चा तेज हो गई कि राबड़ी देवी को करीब 20 वर्षों से रह रहे 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करना पड़ेगा। हालांकि, पत्र जारी होने के 90 दिन बाद भी राबड़ी देवी 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में ही रह रही हैं। सूत्रों के अनुसार न तो उन्होंने बंगला खाली करने की तैयारी की है और न ही सरकार फिलहाल इसे खाली कराने के मूड में दिख रही है।

आवंटन के पीछे सियासी खींचतान?

सूत्रों का दावा है कि राबड़ी आवास खाली कराने की पहल भाजपा के एक वरिष्ठ मंत्री की ओर से की गई थी। नई सरकार में ताकत मिलने के बाद उन्होंने संबंधित अफसर को प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। भवन निर्माण विभाग की जिम्मेदारी जदयू कोटे के मंत्री विजय चौधरी के पास है, जिन्हें मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेता के कहने पर मंत्री और संबंधित अधिकारी ने 39, हार्डिंग रोड का आवंटन तो कर दिया, लेकिन 10 सर्कुलर रोड खाली करने का औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया और न ही पुराने आवास को किसी अन्य मंत्री को आवंटित किया गया।

जानकारी मिलते ही सक्रिय हुए मुख्यमंत्री

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शुरुआत में नए आवंटन की जानकारी नहीं थी। जब मीडिया में 10 सर्कुलर रोड खाली कराने की खबरें आईं, तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता से इस मुद्दे पर नाराजगी भी जताई और भविष्य में दूसरे विभागों में दखल न देने की हिदायत दी।

कैसे होता है सरकारी आवास का आवंटन?

राज्य में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को उनकी श्रेणी के अनुसार आवास आवंटित किए जाते हैं। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया गया। विधायक और एमएलसी के लिए क्षेत्रवार आवास पहले से निर्धारित रहते हैं। फिलहाल 10 सर्कुलर रोड का मुद्दा सियासी और प्रशासनिक स्तर पर ठहरा हुआ नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि राबड़ी देवी कब नए आवास में शिफ्ट होती हैं या सरकार इस फैसले को औपचारिक रूप से बदलती है।