लालू प्रसाद एक नाम नहीं बल्कि एक विचारधारा और यूनिवर्सिटी हैं, अंतिम सांस तक RSS-BJP से लड़ता रहूंगा: तेजस्वी यादव
राजद के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश की एनडीए और खासकर सीएम सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को गाली देने वाले यह नहीं जानते की लालू सिर्फ एक नाम नही बल्कि एक...
Patna : लालू यादव एक नाम नही, बल्कि एक विचालधारा और यूनिवर्सिटी हैं। उक्त बाते बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहें। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी का मूल स्थापना दिवस वैसे तो 5 जुलाई को है, लेकिन पटना में बड़े स्तर पर कार्यक्रम हो जाने के बाद जिला स्तर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए आज ही कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने घोषणा की कि अब अगले चार दिनों तक बिहार के सभी जिलों में स्थापना दिवस के तहत सफल कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। तेजस्वी ने याद दिलाया कि लालू यादव ने साल 1997 में इस पार्टी की स्थापना की थी और वे एक ऐसे नेता हैं जो सामंती शक्तियों के आगे कभी अपनी विचारधारा से पीछे नहीं हटे।
लालू यादव एक विज्ञान हैं, उन्हें गाली देना अब भाजपा में आगे बढ़ने का फैशन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू यादव सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि अपने आप में एक विचारधारा, एक विज्ञान और एक यूनिवर्सिटी हैं। उन्होंने तंज कसा कि आजकल कुछ लोग 'ओरिजिनल भाजपाई' बनने के लिए लालू जी को गाली दे रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि आज राजनीति में यह फैशन बन गया है कि जो लालू यादव को गाली देगा, बीजेपी उसे आगे बढ़ाएगी। जबकि सच्चाई यह है कि लालू यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में न जाने कितने लोगों को सांसद और मंत्री बनाकर आगे बढ़ने का मौका दिया और उनके बिना बिहार व देश की राजनीति संभव नहीं है।
बिहार का खजाना खाली, 'रिमोट कंट्रोल' से चल रही है सरकार
तेजस्वी यादव ने राज्य की वर्तमान एनडीए सरकार की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से पूछा कि आज बिहार का खजाना खाली क्यों है? कर्मचारियों को वेतन देने और विकास योजनाओं के लिए पैसे नहीं हैं, यहां तक कि विधायकों का फंड भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद बेईमान और भ्रष्ट पदाधिकारी सरकार को चला रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए तेजस्वी ने उन्हें 'अंगूठा छाप' बताया और कहा कि बिहार की यह सरकार स्वतंत्र रूप से नहीं बल्कि दिल्ली से अमित शाह द्वारा 'रिमोट कंट्रोल' के जरिए चलाई जा रही है, जहां गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के बड़े घोटाले और सरकारी आवास पर हो रही सियासत
तेजस्वी ने राज्य में हो रहे कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रिशु श्री घोटाला सहित करोड़ों रुपये के घोटाले हो रहे हैं, लेकिन सरकार की मिलीभगत के कारण कोई भी बड़ा अधिकारी या मंत्री गिरफ्तार नहीं हो रहा है। कोर्ट में बिहार सरकार का वकील तक समय पर नहीं पहुंचता ताकि बड़ी मछलियों को बचाया जा सके। सरकारी आवास को लेकर हो रहे विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके माता-पिता मुख्यमंत्री रहे हैं और घर में जनप्रतिनिधि हैं, तो नियमानुसार आवास मिला है। उन्होंने चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और रामकृपाल यादव के परिवारों का हवाला देते हुए पूछा कि उन पर राजनीति क्यों नहीं होती? तेजस्वी ने कहा कि वे सर्वेंट क्वार्टर में पैदा हुए हैं और दो कमरों में भी रह सकते हैं, सरकार सुरक्षा हटाने का डर न दिखाए, उन्हें सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।
पार्टी की एकजुटता पर जोर और नेताओं को कड़ी चेतावनी
अपने कार्यकर्ताओं और मंच पर बैठे नेताओं को प्रेरित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सिर्फ अकेले तेजस्वी के निकलने से बदलाव नहीं होगा, जब तक मंच पर बैठे सभी नेता पूरी ताकत से कोशिश नहीं करेंगे, तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि तमाम एजेंसियों के दुरुपयोग और बेईमानी के बावजूद आरजेडी आज भी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है और इसका वोट बैंक लगातार बढ़ रहा है। अंत में पार्टी में अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए तेजस्वी ने सख्त चेतावनी दी कि स्थापना दिवस या किसी भी सांगठनिक कार्यक्रम में जो कोई भी सीट, पद या झंडे को लेकर आपस में झगड़ा करेगा, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि पूरी पार्टी एक परिवार है।
रंजन की रिपोर्ट