Bihar News : राजस्व कर्मचारियों पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं, मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दिया सख्त निर्देश–कहा लंबित विभागीय कार्रवाई का समय पर करें निष्पादन

Bihar News : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है.....पढ़िए आगे

मंत्री का सख्त निर्देश - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दागी राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि कई जिलों में अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया अत्यंत धीमी गति से चल रही है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही प्रभावित हो रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें।

मधुबनी, किशनगंज और सीतामढ़ी के राजस्व कार्यों की समीक्षा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिलावार समीक्षा के क्रम में ग्यारहवें दिन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मधुबनी, किशनगंज और सीतामढ़ी जिलों के राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय डिजिटल बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्हें जमीनी स्तर पर सुधार के कड़े निर्देश दिए गए।

प्रदर्शन सुधारें अधिकारी, मासिक रैंकिंग है कार्यक्षमता का पैमाना

समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा जारी की जाने वाली मासिक रैंकिंग राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है। उन्होंने सभी जिलों के एडीएम, डीसीएलआर एवं अंचल अधिकारियों को अपने प्रदर्शन में सुधार कर शीर्ष रैंकिंग प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। मंत्री ने जोर देकर कहा कि बेहतर रैंकिंग का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और सहूलियत के रूप में दिखाई देना चाहिए।

लंबित मामलों को घटाने के लिए आवेदन से अधिक निष्पादन का लक्ष्य

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व महाअभियान, पब्लिक ग्रीवांस (जन शिकायत) एवं सहयोग शिविरों से संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कड़ा निर्देश दिया कि अंचलों में प्रतिदिन प्राप्त होने वाले नए आवेदनों की संख्या से अधिक पुराने और लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पेंडेंसी को लगातार कम किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली समीक्षा में प्रगति का पुनर्मूल्यांकन होगा और सुधार न होने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में म्यूटेशन और ई-मापी की समीक्षा

इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह, विशेष सचिव इनायत खान एवं अपर सचिव प्रशांत सीएच ने भी विभिन्न तकनीकी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन और आरसीएमएस पोर्टल की स्थिति जांची गई। बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अपर सचिव आजीव वत्सराज सहित आईटी मैनेजर आनंद शंकर एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।