घायल छात्रों का हाल जानने मेदांता अस्पताल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राज्य सरकार पर साधा जमकर निशाना
पटना के मेदांता अस्पताल में इलाजरत छात्र प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल तीनों छात्रों से रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम सम्राट पर जमकर निशान साधा....
Patna : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव हाल ही में प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल हुए तीन छात्रों का हालचाल जानने के लिए पटना के मेदांता अस्पताल पहुंचे हैं। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
घायल छात्रों के परिजनों का बढ़ाया ढांढस
अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उनके परिजनों को ढांढस बढ़ाया। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया : तेजस्वी
घायलों से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि सीवान में पुलिस ने एके-47 से गोलिया चलाई, लाठी डंडे बरसाए। घटना में निर्दोष बच्चों को गोली लगी। पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाते हुए गोली लगे छात्रों पर लाठियां बरसाई। ये बच्चे शहर मे रहकर पढ़ाई करते है। इनकी किशमत अच्छी है कि इनकी जांच बच गई।
सीएम पर जमकर साधा निशाना
तेजस्वी ने पूरे घटनाक्रम के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेवार बताया। उन्होंने कहा कि सेलेक्टेड सीएम के इशारे पर यह सब कुछ हुआ। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में तय हो गया और आंदोलनकारियों के साथ समझौता हो गया तो सम्राट चौधरी कौन होते है कार्रवाई करने वाले। यहां छात्रों पर एफआईआर किया गया है। उनपर हत्या के प्रयास के मुकदमा चलाया गया है। यह सब गलत है। बिहार में पंरपरा बदला जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की फायरिंग में घायल हुए है छात्र
बता दें यह पूरी घटना सीवान जिले की है, जहां एक प्रदर्शन के दौरान अचानक गोली चल जाने से तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और छात्रों के परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया था। घायल छात्रों को पहले प्राथमिक और आपातकालीन इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में भर्ती कराया गया था। हालांकि, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया था।
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि विपक्षी दल लगातार इस मामले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों का इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा है।
रंजन की रिपोर्ट