एनएसएमसीएच पटना के अस्थि रोग विभाग की बड़ी उपलब्धि, चार साल पुराने जटिल कंधे के फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन

पटना के बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अस्थि रोग विभाग ने चार वर्ष पुराने बेहद जटिल कंधे के फ्रैक्चर से पीड़ित एक महिला मरीज का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है.....

एनएसएमसीएच पटना जटिल कंधे के फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन- फोटो : सुमित कुमार

Patna : पटना के बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अस्थि रोग विभाग ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने चार वर्ष पुराने बेहद जटिल कंधे के फ्रैक्चर से पीड़ित एक महिला मरीज का सफल ऑपरेशन किया है। इस जटिल सर्जरी के माध्यम से मरीज को गंभीर दर्द और शारीरिक अक्षमता से बड़ी राहत दिलाई गई है।


लंबे समय तक इलाज न मिलने से ठप हो चुकी थी कंधे की कार्यक्षमता

मरीज के बाएं कंधे की हड्डी का ऊपरी हिस्सा चार साल पहले टूटकर अपनी जगह से पूरी तरह खिसक गया था। लंबे समय तक उचित और समय पर चिकित्सीय देखरेख न मिलने के कारण कंधे की कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हो चुकी थी। स्थिति यह थी कि उन्हें हाथ उठाने, कपड़े पहनने और बाल बनाने जैसे रोजमर्रा के सामान्य कार्य करने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता था।


शोल्डर हेमीआर्थ्रोप्लास्टी के जरिए लगाया गया कृत्रिम इम्प्लांट

अस्पताल पहुंचने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीज की विस्तृत जांच और एक्स-रे मूल्यांकन किया। हड्डी की टूटी-खिसकी पुरानी स्थिति को देखते हुए सर्जिकल टीम ने कंधे के प्रत्यारोपण यानी 'शोल्डर हेमीआर्थ्रोप्लास्टी' का निर्णय लिया। सभी आवश्यक सावधानियों के बाद किए गए इस ऑपरेशन में कंधे के क्षतिग्रस्त ऊपरी गोल हिस्से को हटाकर उसकी जगह आधुनिक कृत्रिम इम्प्लांट सफलतापूर्वक लगाया गया।


ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर, फिजियोथेरेपी शुरू

सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह स्थिर एवं संतोषजनक बनी हुई है। अस्पताल में उनकी फिजियोथेरेपी और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कंधे की गतिविधियों में क्रमिक सुधार देखा जा रहा है। लंबे समय से दैनिक जीवन में संघर्ष कर रही मरीज के लिए यह ऑपरेशन सामान्य जिंदगी में लौटने की नई उम्मीद बन गया है।


डॉ. रंजीत कुमार सिंह और डॉ. अश्विनी गौरव के नेतृत्व में हुई सर्जरी, आयुष्मान योजना से मिली मदद

यह उच्च स्तरीय सर्जरी डॉ. रंजीत कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं सर्जिकल नेतृत्व तथा डॉ. अश्विनी गौरव की सर्जिकल दक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सहायक चिकित्सकों की टीम (डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. सन्नी सिंह, डॉ. अजिंक्य गौतम और डॉ. विशाल) ने भी अहम भूमिका निभाई। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह रही कि यह इलाज 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत न्यूनतम खर्च पर संपन्न हुआ, जिससे आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।


सुमीत की रिपोर्ट