आरा में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा : बाप-बेटे समेत 5 गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद
भोजपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। वहीं मौके से भारी मात्रा में हथियार बनाने के सामान के साथ अर्धनिर्मित हथियार बरामद किया है......
Arrah : भोजपुर जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयर थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही एक मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है, जहां लंबे समय से धड़ल्ले से अवैध हथियारों का निर्माण और उनकी बिक्री का काला कारोबार चलाया जा रहा था।
बाप-बेटे मिलकर चला रहे थे अवैध फैक्ट्री, पुलिस ने मारा छापा
पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राहुल कुमार के नेतृत्व में आयर थानाध्यक्ष एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आयर गांव निवासी लालबाबू शर्मा के घर पर औचक छापेमारी की, जहां आरोपी अपने बेटों के साथ मिलकर इस मिनी गन फैक्ट्री का संचालन कर रहा था।
लेथ-ड्रिल मशीन समेत भारी मात्रा में बने और अर्धनिर्मित हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से हथियार बनाने वाले तमाम आधुनिक उपकरण जब्त किए, जिसमें लेथ मशीन, ड्रिल मशीन और अन्य संलग्र उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने फैक्ट्री में पूरी तरह तैयार की गई बंदूकें, राइफल, देसी कट्टा और सिक्सर (रिवॉल्वर) के अलावा भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार भी बरामद किए हैं।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर अन्य ठिकानों पर दबिश, कुल 5 गिरफ्तार
मुख्य आरोपी लालबाबू शर्मा और उसके दो बेटों को मौके से गिरफ्तार करने के बाद, पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई की। पुलिस ने सिंगरा टोला से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया तथा पिरो थाना इलाके में छापेमारी कर फैक्ट्री में निर्मित एक सिक्सर भी बरामद किया और एक अन्य व्यक्ति को दबोचा। इस तरह पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
एसडीपीओ ने दी जानकारी, अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
आयर थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राहुल कुमार ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियारों के निर्माण और बिक्री में लिप्त तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
आशीष की रिपोर्ट