पटना पुलिस की मुस्तैदी से टली बड़ी अनहोनी: दीघा में ई-रिक्शा चालक ने दो मासूम बच्चों को जबरन बैठाने का किया प्रयास, पुलिस ने किया गिरफ्तार

राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र में मासूम बच्चों की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। एक ई-रिक्शा चालक ने दो मासूम बच्चों को जबरन अपने ऑटो में बैठाने की कोशिश की, लेकिन वह बच्चों को लेकर भागता उससे पहले ही पकड़ा गया.....

पटना पुलिस की मुस्तैदी से टली बड़ी अनहोनी- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : पटना के दीघा थाना क्षेत्र में शनिवार को यातायात पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के अनुसार, एक ई-रिक्शा (ऑटो) चालक ने दो मासूम बच्चों को जबरन अपने ऑटो में बैठाने की कोशिश की। बच्चों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद पकड़े जाने के डर से आरोपी चालक मौके से तेजी से भागने लगा।


रोते हुए बच्चों ने यातायात बूथ पर लगाई गुहार, सिपाहियों ने खदेड़ कर पकड़ा

चालक के चंगुल से छूटकर रोते हुए बच्चे पास में तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे और भाग रहे ऑटो चालक की तरफ इशारा कर पहचान कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैफिक जवानों ने तत्परता दिखाई और भाग रहे ऑटो चालक को खदेड़ कर दबोच लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को सुरक्षित यातायात बूथ पर बैठाया।


आई-कार्ड (iCard) की मदद से परिजनों को किया गया सूचित

बच्चों को सुरक्षित अपनी कस्टडी में लेने के बाद पुलिस ने उनकी पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित की। बच्चों के पास मौजूद स्कूल आई-कार्ड (iCard) की मदद से यातायात पुलिस ने तुरंत उनके परिजनों से संपर्क किया और घटना की जानकारी देकर उन्हें मौके पर बुलाया।


डायल-112 और दीघा थाना पुलिस को सौंपा गया आरोपी

घटना की सूचना तत्काल स्थानीय दीघा थाना और डायल-112 की टीम को दी गई। मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम और दीघा थाना पुलिस को आरोपी चालक तथा बच्चों को सौंप दिया गया, ताकि आगे की उचित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।


पुलिस की तत्परता की हो रही सराहना, परिजनों ने जताया आभार

यातायात पुलिसकर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ की स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। अगर ट्रैफिक पुलिस ने सही समय पर एक्शन न लिया होता, तो कोई गंभीर अनहोनी हो सकती थी। पुलिस अब आरोपी चालक से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच में जुटी है।हालांकि इस मामले में दीघा थानाध्यक्ष ने इस घटना को मिस्कम्युनिकेशन बताया है।


रंजीत की रिपोर्ट