कोसी कटाव से सुपौल के इस गांव में तबाही : डीएम ने किया निरीक्षण, पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री

कोसी कटाव से सुपौल के इस गांव में तबाही : डीएम ने किया निरीक
डीएम ने कटाव क्षेत्रों का किया निरीक्षण- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण तटवर्ती इलाकों में कटाव (कटनिया) की समस्या विकराल रूप ले रही है। किशनपुर अंचल अंतर्गत मौजहा पंचायत के पंचगछिया गांव में नदी के कटाव से कई घरों पर खतरा मंडराने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया।


जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण कर जाना पीड़ितों का हाल

कटाव की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने शनिवार को अधिकारियों की टीम के साथ पंचगछिया गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर स्थिति की धरातलीय जानकारी ली और पीड़ितों की तात्कालिक जरूरतों व नुकसान का जायजा लिया।


प्रभावित परिवारों के बीच बांटी गई पॉलीथीन शीट, मिली राहत

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की मौजूदगी में जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों के बीच तुरंत पॉलीथीन शीट का वितरण कराया गया, ताकि वे इस प्रतिकूल मौसम और बारिश से खुद को व अपने सामान को सुरक्षित रख सकें। डीएम ने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर अन्य सूखा राहत सामग्री और आवश्यक सहायता भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।


कटाव रोधी कार्य में तेजी लाने का निर्देश, अधिकारी 24 घंटे रखेंगे नजर

डीएम ने पूर्वी कोसी तटबंध प्रमंडल (सुपौल) के कार्यपालक अभियंता को कटाव निरोधक कार्यों में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया, ताकि जन-धन की क्षति को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अंचल व प्रखंड अधिकारियों को प्रभावित इलाकों की 24 घंटे निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के आदेश दिए।


अफवाहों पर न दें ध्यान, प्रशासन पूरी तरह सतर्क: डीएम 

जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे कटाव और जलस्तर को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। निरीक्षण के दौरान सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार, प्रभारी सीओ और बीडीओ किशनपुर सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट