BPSC परीक्षा पेपर लीक और बायोमेट्रिक धांधली में बड़ा खुलासा: EOU ने 37 आरोपियों को किया गिरफ्तार, बायोमेट्रिक कंपनी होगी ब्लैकलिस्ट

BPSC द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी और सहायक लोक स्वच्छता परीक्षा 2026 में प्रश्न पत्र लीक और बड़े पैमाने पर कदाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले की कमान संभालते हुए EOU ने अबतक विभिन्न जिलों से 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया है

BPSC परीक्षा पेपर लीक और बायोमेट्रिक धांधली में बड़ा खुलासा- फोटो : रणजीत कुमार

Patna : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित दो प्रमुख परीक्षाओं—सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (ASDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा—में कदाचार और प्रश्न पत्र लीक का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU), पटना ने अनुसंधान की कमान अपने हाथों में ले ली है। अब तक की कार्रवाई में ASDO परीक्षा से जुड़े 5 मामलों में 35 अभियुक्तों और लोक स्वच्छता परीक्षा से जुड़े 1 मामले में 2 अभियुक्तों को मिलाकर कुल 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। इस बात की जानकारी आज आर्थिक अपराध ईकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह दिल्लो ने दी है।


बायोमेट्रिक सत्यापन करने वाली कंपनी की संलिप्तता आई सामने

EOU के अनुसंधान में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए आयोग द्वारा नियोजित कंपनी मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड (जयपुरराजस्थान) के कई अधिकारियों और कर्मियों की इस धांधली में सीधी संलिप्तता पाई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में इस कंपनी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं, जिनमें:

  • ब्रजेश कुमार (नालंदा जिला कोऑर्डिनेटर)
  • रामरत्न कुमार उर्फ मास्टर (मुंगेर जिला कोऑर्डिनेटर)
  • समीर उर्फ मनीष पासवान (बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, मुंगेर)
  • सुजल कुमार (बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, मुंगेर)
  • चंदन कुमार (बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, नालंदा)
  • अंशुप्रिया (बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, पटना)
  • अभिषेक पाण्डेय (बांका, मुंगेर व लखीसराय जिला कोऑर्डिनेटर तथा क्राइनेक्स डिजिटल सॉल्यूशंस के डायरेक्टर) सहित कई बायोमेट्रिक ऑपरेटर शामिल हैं।


अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन और आपराधिक पृष्ठभूमि

जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों परीक्षाओं में हूबहू एक ही अपराध शैली (Modus Operandi) अपनाई गई थी और कंपनी ने आयोग के साथ हुए अनुबंध की शर्तों का जमकर उल्लंघन किया। नियमों के विपरीत, अधिकांश पकड़े गए बायोमेट्रिक कोऑर्डिनेटर और ऑपरेटर खुद भी ASDO परीक्षा के अभ्यर्थी थे। इतना ही नहीं, मुंगेर से गिरफ्तार सुजल और समीर पूर्व में गर्दनीबाग (पटना) थाना में सिपाही भर्ती परीक्षा में बायोमेट्रिक धांधली और स्कॉलर बैठाने के आरोपी रह चुके थे, लेकिन बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि सत्यापन के उन्हें दोबारा ड्यूटी पर रख लिया गया। नालंदा के सुपरवाइजर चंदन कुमार को भी पूर्व में कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया था, फिर भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, रैंडमाइजेशन नियमों को ताक पर रखकर सूची से बाहर के बाहरी कर्मियों को आखिरी समय में परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया था। इन गंभीर आरोपों के आधार पर उक्त कंपनी को काली सूची (Blacklist) में डालने का प्रस्ताव भेजा गया है।


जैमर कंपनी भी जांच के दायरे में, ब्लूटूथ से उत्तर लिखवाने का खुलासा

EOU के अनुसार, बेगूसराय के मुफ्फसिल थाना कांड संख्या-84/2026 की जांच के दौरान छपरा और नालंदा जिलों में अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए उत्तर लिखवाने की बात प्रकाश में आई है। इसके बाद परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने के लिए नियोजित कंपनी मेसर्स ईसीआईएल (ECIL) के कर्मियों की भूमिका और उनकी तकनीकी त्रुटियों की भी गहन जांच की जा रही है। भविष्य में आयोजित होने वाली विभिन्न बड़ी परीक्षाओं, जैसे NEET UG 2026 पुनः परीक्षा और सिपाही भर्ती परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए EOU स्तर पर एक 'विशेष सेल' का गठन किया गया है, जो पूर्व के आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।


भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष SIT का गठन और आर्थिक अपराध इकाई की नई शाखा

आर्थिक अपराध इकाई ने पिछले दो महीनों में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (PC Act) के तहत चार बड़े आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले (कांड संख्या 06, 08, 09 और 10/2026) दर्ज कर जांच तेज कर दी है। इसके साथ ही, बिहार में संगठित आर्थिक अपराधों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए EOU के तहत एक नई विशेष शाखा का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त, भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग में फैले भ्रष्टाचार और भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ खुफिया सूचनाएं एकत्र कर त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग की सहमति से एक विशेष SIT का भी गठन किया गया है।


रणजीत की रिपोर्ट