पटना में साइबर अपराधियों का बड़ा खेल: फर्जी ग्राहक बन इंडियन ओवरसीज बैंक से कराया 70 लाख का RTGS, 14 करोड़ के इंटरनेशनल रैकेट का खुलासा

राजधानी पटना में शातिर साइबर अपराधियों ने एक बेहद चौंकाने वाली वारदात को अंजाम दिया है।ठगों ने एक फर्जी बैंक का ग्राहक बनकर पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के मैनेजर को झांसे में लेकर 70 लाख का आरटीजीएस ट्रांजेक्शन करवा लिया...

पटना में साइबर अपराधियों का बड़ा खेल- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार की राजधानी पटना में शातिर साइबर अपराधियों ने एक बेहद चौंकाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। ठगों ने एक फर्जी बैंक का ग्राहक बनकर पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के मैनेजर को झांसे में लिया और 70 लाख का आरटीजीएस (RTGS) ट्रांजेक्शन करवा लिया। जब इस बड़े फर्जीवाड़े की पोल खुली, तो बैंक मैनेजर के होश उड़ गए। अपनी एक छोटी सी प्रशासनिक चूक के कारण लाखों का चूना खाए मैनेजर ने आनन-फानन में पटना के साइबर क्राइम थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


साइबर थाना डीएसपी संगीता कुमारी के नेतृत्व में जांच तेज, 4 शातिर ठग गिरफ्तार

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जानकारी देते हुए पटना साइबर थाना की डीएसपी सह थानाध्यक्ष संगीता कुमारी ने बताया कि बैंक मैनेजर की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब इस 70 लाख की ठगी के तार करीब 14 करोड़ के एक बहुत बड़े वित्तीय साम्राज्य से जुड़े मिले। साइबर थाना पुलिस की टीम ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक 4 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।


क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग का झांसा देकर देश भर से ठगे 14 करोड़, चेक के जरिए निकाल रहे थे रकम

साइबर थाने की पुलिस टीम द्वारा की गई शुरुआती जांच और गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगालने पर पता चला है कि यह गिरोह देश के कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय था। ये अपराधी आम लोगों को क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी का शिकार बनाते थे और ठगी की रकम को फर्जी खातों में ट्रांसफर करवाते थे। इसके बाद, बैंक से पैसे निकालने के लिए शातिर ठग चेक का इस्तेमाल कर रहे थे। हाल ही में कुछ युवाओं द्वारा बैंक में चेक के जरिए लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की कोशिश की गई, जिससे बैंक मैनेजर को शक हुआ और इस बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो गया।


एक चूक और उड़ गए 70 लाख; बैंक खातों की जांच में खुले कई राज्यों के राज

पुलिस के अनुसार, बैंक मैनेजर की एक छोटी सी असावधानी का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने इस 70 लाख के फर्जी आरटीजीएस ट्रांजेक्शन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। हालांकि, समय रहते शक होने पर जब बैंक द्वारा साइबर पुलिस को सूचना दी गई, तो परत-दर-परत इस 14 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई संदिग्ध बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग देशव्यापी ठगी के पैसे को डाइवर्ट करने के लिए किया जा रहा था।


रिमांड पर लेकर अन्य कड़ियों को जोड़ेगी पुलिस, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पटना साइबर थाना पुलिस अब गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। डीएसपी संगीता कुमारी ने बताया कि बैंक के अन्य खातों और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री को फ्रीज करवाकर उनकी गहनता से स्क्रूटनी की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस बैंक के किसी आंतरिक कर्मचारी की मिलीभगत से इस फर्जीवाड़े को हवा दी गई थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।


अनिल की रिपोर्ट