भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो की बड़ी कामयाबी, वर्ष 2026 में अब तक 22 मामलों में लोक सेवक हुए दोषी करार
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2026 में अपनी बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरों द्वारा जारी किए गए आंकड़े के अनुसार अबतक 22 मामलों में लोक सेवक हुए दोषी करार दिए गए है....
Patna : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2026 में अपनी बड़ी सफलताओं के आंकड़े साझा किए हैं। ब्यूरो द्वारा जारी रिपोर्ट और पोस्टरों के अनुसार, इस साल अब तक भ्रष्टाचार से जुड़े कुल 22 मामलों में विशेष न्यायालयों द्वारा लोक सेवकों (Public Servants) को दोषी ठहराया गया है। अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ लगातार सजा सुनिश्चित की जा रही है।
मुजफ्फरपुर विशेष न्यायालय के फैसले का विशेष उल्लेख
जारी जानकारी के मुताबिक, हाल ही में मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में माननीय विशेष न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में महत्वपूर्ण दोषसिद्धि की कार्रवाई पूरी की गई है।
ब्यूरो का कहना है कि न्यायालयों में प्रभावी कानूनी पैरवी और साक्ष्यों के समय पर प्रस्तुतीकरण से मामलों का तेजी से निपटारा हो रहा है, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित हो रहा है।
पिछले वर्षों के मुकाबले सजा के आंकड़ों में 293 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी
निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2000 से 2024 के बीच के कालखंड में औसतन प्रतिवर्ष मात्र 5.6 मामलों में ही सजा हो पाती थी। इसकी तुलना में वर्ष 2026 में अब तक हुई सजाओं के आंकड़ों में लगभग 293 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।
ब्यूरो का यह प्रदर्शन राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रशासनिक सख्ती और अभियोजन तंत्र की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाता है।
रंजीत की रिपोर्ट