पटना में बाढ़ राहत का व्यापक अभियान: 189 नौकाएं, 34 सामुदायिक रसोई और 20 मेडिकल कैंप सक्रिय

पटना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं सहायता कार्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। प्रशासन द्वारा आवागमन के लिए नौकाएं, भोजन के लिए सामुदायिक किचन समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई है.....

पटना में बाढ़ राहत का व्यापक अभियान- फोटो : अनिल कुमार

Patna : पटना जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य पूरी तत्परता से संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार के निर्देश पर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षित आवागमन और निकासी के लिए 189 नौकाएं तैनात की गई हैं, जिनमें फतुहा में 37, दीदारगंज में 32 और मनेर में 27 नौकाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा एवं राहत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से SDRF की 8 और SSB की 2 टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।


दियारा क्षेत्रों में वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता

दियारा इलाकों में बाढ़ के पानी के कारण जंगली सूअर और अन्य वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने की आशंका को देखते हुए वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम दो वाहनों के साथ तैनात की गई है। यह टीम वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़ने की कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीव दिखने पर उन्हें छेड़ने के बजाय तुरंत प्रशासन या वन विभाग को सूचित करें।


स्वास्थ्य सुविधाएं: 20 मेडिकल कैंप और 6 बोट एम्बुलेंस क्रियाशील

प्रभावित लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए 20 मेडिकल कैंप सक्रिय किए गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 28 सामान्य एम्बुलेंस और जलमग्न क्षेत्रों के लिए 6 बोट एम्बुलेंस लगातार भ्रमण कर रही हैं। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में सामुदायिक रसोई केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 34 कर दी गई है।


पशुधन की देखभाल, पेयजल और पॉलीथीन शीट का वितरण

बाढ़ राहत में पशुधन की सुरक्षा के लिए 15 पशु शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 1680 से अधिक पशुओं का इलाज किया गया है और 1000 क्विंटल से ज्यादा पशुचारा बांटा गया है। प्रभावित परिवारों की तात्कालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अब तक 6018 पॉलीथीन शीट्स का वितरण भी किया जा चुका है। साथ ही PHED द्वारा स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय और नगर निगम द्वारा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है।


तटबंधों की निगरानी और अधिकारियों द्वारा जमीनी निरीक्षण

जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों पर रिसाव एवं ओवरफ्लो की सतत निगरानी कर रही हैं और प्रभावित सड़कों की मरम्मत का कार्य भी शुरू किया जा रहा है। इस दौरान जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने गंगा नदी के विभिन्न घाटों, पुनपुन और सामुदायिक रसोई केंद्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश दिए।

अनिल की रिपोर्ट