10 सर्कुलर रोड विवाद पर बोले मंत्री संजय टाइगर : राबड़ी देवी नियमों के तहत मिले बंगले में जाए, बेवजह बखेड़ा खड़ा करना ठीक नहीं'
Bihar Politics : '10 सर्कुलर रोड' वाले राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने को लेकर बिहार की सियासत गर्म है। बीजेपी के नेता व बिहार सरकार के मंत्री संजय टाइगर ने कहा है कि इस सरकारी आवास को लेकर राजद जो बवाल कर रहा है इसे बाल हठ कहते है....
Patna : राजधानी पटना के हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी इलाके स्थित '10 सर्कुलर रोड' वाले राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने को लेकर बिहार की सियासत में उबाल आ गया है। इस पूरे विवाद पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर बिहार सरकार के मंत्री संजय टाइगर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस तरह के प्रशासनिक और विधिक मामलों पर मुख्य विपक्षी दल को राजनीति करने से बाज आना चाहिए।
नियमों के अनुकूल आवंटित आवास में जाने की दी सलाह, कहा- बेवजह बखेड़ा न करें
मंत्री संजय टाइगर ने आरजेडी नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि जो आवास नियमों के अनुकूल आवंटित किया गया है, विपक्ष को बिना किसी आपत्ति के उसमें चले जाना चाहिए। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत होती है और इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रशासनिक फैसले पर बेवजह का बखेड़ा खड़ा करना कहीं से भी न्यायसंगत और ठीक नहीं है।
'राजनीति करने के लिए और भी कई मुद्दे हैं, सरकारी संपत्ति पर जिद क्यों?'
आरजेडी पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि यदि राष्ट्रीय जनता दल को बिहार में राजनीति ही करनी है, तो जनता से जुड़े और भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर वे बात कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमों के आधार पर ही सरकारी आवासों का आवंटन और खाली कराने का काम होता है। नेताओं को सरकारी संपत्ति पर मोह छोड़ने की आदत डालनी चाहिए और जो नया आवास उन्हें आवंटित हुआ है, वहां शिफ्ट हो जाना चाहिए।
आवास आवंटन को लेकर बिहार में गरमाई सियासत, आमने-सामने सरकार और विपक्ष
गौरतलब है कि 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास बिहार की राजनीति का एक बड़ा केंद्र रहा है। इस बंगले को खाली कराने के सरकार के कथित निर्देशों के बाद से ही आरजेडी लगातार हमलावर है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बता रही है। वहीं सरकार की तरफ से मंत्री संजय टाइगर के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता पक्ष इसे विशुद्ध रूप से एक नियमसंगत प्रक्रिया मान रहा है और इस पर किसी भी तरह के दबाव में आने को तैयार नहीं है।
सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से संवेदनशील है मामला, प्रशासन की नजर
इस वीवीआईपी बंगले से जुड़े विवाद के बाद पटना के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सरकारी सूत्रों की मानें तो नियमावली के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के आवास की सुरक्षा और श्रेणी तय होती है। मंत्री के इस कड़े रुख के बाद अब देखना दिलचस्प होगा कि आरजेडी इस पर क्या जवाबी रुख अपनाती है। बहरहाल, प्रशासनिक स्तर पर इस आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसंगत बताते हुए आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वंदना की रिपोर्ट