सम्राट सरकार में भ्रष्टाचार और फर्जी एनकाउंटर का बड़ा खेल, बड़ी मछलियों को बचा रही है सरकार: सांसद सुधाकर सिंह

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार की सम्राट सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सांसद ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सीधे तौर पर आईपीएस अधिकारी को जिम्मेवार बताया है। इतना ही नहीं उन्होंने उसी आईपीएस द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी देने की बात की है...

सम्राट सरकार में भ्रष्टाचार और फर्जी एनकाउंटर का बड़ा खेल, ब
राजद सांसद का सम्राट सरकार पर बड़ा आरोप- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने प्रदेश की सम्राट सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सांसद ने रिशु श्री मामले में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई को 'आई वॉश' (दिखावा) बताते हुए आरोप लगाया कि आनंद किशोर और संतोष मल्ल जैसे बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है, जबकि भरत तिवारी एनकाउंटर पूरी तरह फर्जी है जिसे एडीजी कुंदन कृष्णन ने अंजाम दिलवाया है।


रिशु श्री घोटाला: छोटी मछलियों पर गाज, बड़े मगरमच्छ आजाद

मीडिया को संबोधित करते हुए राजद सांसद सुधाकर सिंह ने रिशु श्री मामले में सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योगेंद्र सागर और अभिलाषा शर्मा जैसे छोटे अधिकारियों को निलंबित करना केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। चंद लाख रुपयों के आरोप में इन पर मामूली कार्रवाई हुई है लेकिन इनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। सांसद ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि बिहार सरकार तालाब की 'बड़ी मछलियों' को संरक्षण दे रही है, जिसके कारण मुख्य आरोपियों पर हाथ डालने से डर रही है।


वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोप

सुधाकर सिंह ने दावा किया कि रिशु श्री और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में विदेश यात्राओं और महंगे तोहफों के लेनदेन का साफ जिक्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि ₹1,180 करोड़ के पहले टेंडर का पहला कमीशन यानी ₹72 करोड़ सीधे रिशु श्री के खाते में ट्रांसफर हुआ था। आनंद किशोर, धर्मेंद्र कुमार और संतोष मल्ल सहित 9 बड़े अधिकारियों पर पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद न तो ईडी कोई कार्रवाई कर रही है और न ही राज्य सरकार। इसके विपरीत, आनंद किशोर पर मामले दर्ज होने के बाद भी उन्हें वित्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद से नवाजा गया।


नमामि गंगे और नगर विकास में 20 हजार करोड़ की महालूट

भ्रष्टाचार के खेल को उजागर करते हुए सांसद ने कहा कि राज्य के नगर विकास और 'नमामि गंगे' जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में सबसे अधिक सरकारी धन की लूट हुई है। गंगा सफाई के नाम पर लगभग 20,000 करोड़ का महाघोटाला किया गया है, जिसमें काम करने वाली तमाम ठेकेदार कंपनियां गुजरात की थीं। उन्होंने आगे कहा कि तारिणी प्रसाद जैसे लोगों के घर से 11 करोड़ की नकदी बरामद होना इस बात का सबूत है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, और इसी अवैध उगाही के पैसों से मुख्यमंत्री सचिवालय के जरिए राज्य में मनचाही पोस्टिंग का खेल खेला जाता है।


भरत तिवारी एनकाउंटर पूरी तरह फर्जी, विशेष एसटीएफ का हुआ इस्तेमाल

भ्रष्टाचार के अलावा सांसद सुधाकर सिंह ने आरा के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी विस्फोटक बयान दिया। उन्होंने इसे पूरी तरह एक 'फर्जी एनकाउंटर' करार देते हुए कहा कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से पटना से एसटीएफ (STF) की टीम भेजी गई थी। सांसद ने सीधे तौर पर सीनियर पुलिस अधिकारी एडीजी कुंदन कृष्णन का नाम लेते हुए कहा कि उन्हीं के इशारे पर इस फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया गया है ताकि कुछ सफेदपोशों के राज दफन रहे।


सांसद को मिली धमकी, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से लगाई गुहार

सुधाकर सिंह ने खुद की जान को खतरा बताते हुए एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब वे पिछले साल से दीपक कुमार के खिलाफ लगातार पोल खोल रहे थे, तब एडीजी कुंदन कृष्णन ने उन्हें खुद फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वे अपने 25 साल के राजनीतिक करियर में पहली बार मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे और इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात कर अपनी सुरक्षा और इस पूरे मामले से उन्हें अवगत कराया था।


नरोत्तम की रिपोर्ट