Muzaffarpur News:कांटी में सुधा डेयरी के केमिकल युक्त पानी का कहर,MLA अजीत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष से मांगी मदद

Muzaffarpur Sudha Dairy Pollution News:कांटी के सदातपुर में सुधा डेयरी के दूषित जल से 40 एकड़ कृषि भूमि और 1100 से अधिक लीची के पेड़ सूख गए हैं।MLA अजीत कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मिलकर कार्रवाई की मांग की

मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड अंतर्गत सदातपुर स्थित सुधा डेयरी प्लांट से निकल रहा केमिकल युक्त बदबूदार पानी स्थानीय लोगों और किसानों के लिए आफत बन गया है। इस दूषित जल के फैलाव के कारण क्षेत्र की लगभग 40 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। इतना ही नहीं, जहरीले पानी के भराव से 1100 से अधिक लीची के पेड़ सूखकर नष्ट हो गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।


विधानसभा अध्यक्ष से मिला प्रतिनिधिमंडल, शीघ्र समाधान की गुहार

किसानों और ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर कांटी विधायक अजीत कुमार के नेतृत्व में विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मिला। विधायकों (मंजीत कुमार सिंह, शालिनी मिश्रा और मनीष कुमार) के इस प्रतिनिधिमंडल ने डेयरी के प्रदूषित जल से खेती, लीची उत्पादन और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे जानलेवा असर से अध्यक्ष को अवगत कराया और तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।


विधानसभा अध्यक्ष ने दिया आश्वासन, अधिकारियों संग जल्द होगी बैठक

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस गंभीर जनसमस्या का स्थायी और त्वरित समाधान सुनिश्चित कराने के लिए डेयरी प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक महकमों को ठोस निर्देश जारी किए जाएंगे।


प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी से आक्रोश, ड्रेनेज मास्टर प्लान अधर में

गौरतलब है कि विधायक अजीत कुमार पहले भी 'दिशा' और जिला 20 सूत्री की बैठकों में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। तब जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने डेयरी प्रबंधन को उचित ड्रेनेज सिस्टम और दूषित जल निकासी का मास्टर प्लान तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया था। हालांकि, लंबे समय बाद भी प्रभावी कार्रवाई न होने से सुधा डेयरी प्रबंधन के रवैये के प्रति ग्रामीणों और किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।