NEET Paper Leak: पेमेंट करो, पेपर लो गैंग का खुलासा, बिहार में NEET के नाम पर बड़ी ठगी, आरोपी की संपत्ति जब्त करने की तैयारी
NEET Paper Leak: NEET परीक्षा पेपर लीक और ठगी मामले में गिरफ्तार मनीष कुमार के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। इस बीच पुलिस अवैध संपत्ति जब्त करने की तैयारी में जुट गई है।
NEET Paper Leak: नीट परीक्षा के नाम पर छात्रों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए मनीष कुमार की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। पुलिस अब उसके बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही खातों को फ्रीज करने और गैरकानूनी तरीके से कमाई गई संपत्ति को जब्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, 2 मई को सिकंदरपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बालूघाट इलाके में किराये के मकान में छापेमारी की थी। यहां से जजुआर निवासी मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। वह टेलीग्राम चैनल के जरिए NEET परीक्षा का पेपर दिलाने के नाम पर छात्रों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने उसके कमरे से लैपटॉप, मोबाइल और कई अन्य सामान जब्त किए थे। जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल से एक वॉइस रिकॉर्डिंग भी मिली। इसमें दावा किया जा रहा था कि उसके पास NEET का पेपर मौजूद है और जो भी पेपर लेना चाहता है, वह NTA Official पर संपर्क करे।
NTA Official नाम से मैसेंजर बनाकर छात्रों से संपर्क
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी NTA Official नाम से मैसेंजर बनाकर छात्रों से संपर्क करता था। छात्रों से कहा जाता था कि पहले पैसे जमा करें, उसके बाद पेपर दिया जाएगा। ठगी के लिए अलग-अलग तरीकों से पेमेंट लिया जाता था। इसमें फिनो पे और इंडसइंड बैंक के खातों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस को जांच में बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। साथ ही हर्ष कणोडिया के नाम का फोनपे QR कोड भी बरामद हुआ है। व्हाट्सएप चैट की जांच में कई ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिनसे ऑनलाइन ठगी की गई थी।
NEET UG साल्वर गैंग मामले में भी बड़े खुलासे
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में मनीष अकेला नहीं था। उसका दोस्त निखिल कुमार समेत कई अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं। पुलिस अब सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इधर, NEET UG साल्वर गैंग मामले में भी बड़े खुलासे हो रहे हैं। हथौड़ी, बोचहां और अहियापुर के तीन आरोपी इस गैंग के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि जिले के कई अन्य युवकों के तार भी इस गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले बिहारशरीफ की टीम ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। इनमें से दो को मिठनपुरा के जिला स्कूल और मुखर्जी सेमिनरी स्कूल के पास से पकड़ा गया था। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी दूसरे इलाके से हुई थी।
NEET पास कराने के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये
शुरुआती पूछताछ में सामने आया था कि गिरोह NEET पास कराने के नाम पर एक छात्र से 50 से 60 लाख रुपये तक लेता था। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है।इस गैंग से जुड़े आरोपियों में अहियापुर शेखपुर के मनोज कुमार, बोचहां के गौरन कुमार और हथौड़ी के सुभाष कुमार के नाम सामने आए हैं। इस मामले में बिहारशरीफ की टीम अब तक आधा दर्जन से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने 3 लाख रुपये नकद भी बरामद किए थे। अब इस पूरे मामले की जांच CBI की विशेष टीम कर रही है। जांच एजेंसी पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।