Bihar NEET student death: शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की रहस्यमयी मौत का मामला पहुंचा दिल्ली, आज जंतर मंतर पर विपक्ष का प्रदर्शन, शामिल होने पुलिस से छुप कर रवाना हुए माता-पिता
Bihar NEET student death: NEET छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।
Bihar NEET student death: बिहार में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप-मौत अब महज़ एक आपराधिक वारदात नहीं रही, बल्कि यह पूरे सिस्टम की नाकामी, लापरवाही और कथित साज़िश की चार्जशीट बन चुकी है। पुलिस, एसआईटी और गृह विभाग सच्चाई की तलाश में भटकते रहे, मगर हर दरवाज़ा बंद मिला। जांच के नाम पर सवालों की लाशें गिरती रहीं, जवाबों का पोस्टमार्टम तक नहीं हो सका। अब जब सरकार और पुलिस की ज़ुबान पर ताला जड़ गया, तब जाकर CBI जांच का रास्ता साफ हुआ है।
इस बीच NEET छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर आज यानी रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। छात्रा के माता-पिता बिहार से दिल्ली रवाना हो चुके हैं। उनका साफ कहना है कि बिहार सरकार और पुलिस से उनका भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। पटना जंक्शन के पास बातचीत में मां की आवाज़ कांप रही थी, मगर लहजा फौलादी था। बोलीं, “मैं मां हूं… बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए राक्षस बन जाऊंगी। क्या मैं अपने दूध का सौदा करने आई थी?” कैमरे के सामने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाती मां की आंखों में ऐसा दर्द था कि पत्थर दिल भी पिघल जाए।
पिता ने भी दो टूक कहा, “यहां न्याय नहीं मिल रहा, इसलिए दिल्ली जा रहे हैं। मेरी बेटी तो चली गई, लेकिन समाज की किसी भी बेटी के साथ ऐसा न हो, इसी के लिए यह जंग है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि सच सामने आए, इसलिए जांच को भटकाया गया।
पूरा मामला 6 जनवरी 2025 का है, जब पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा अपने कमरे में बेहोश मिली। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई, वहीं FSL रिपोर्ट में छात्रा के अंडरगारमेंट में स्पर्म मिलने की बात सामने आई। इसके बावजूद शुरुआती जांच नींद की गोली खाने के एंगल पर टिकाई गई, जिसने पुलिस की नीयत पर सवालिया निशान लगा दिए।मामला तूल पकड़ने पर सरकार ने SIT बनाई, लेकिन पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट के सामने आने के बाद SIT की दिशा पर भी उंगलियां उठीं। आखिरकार दबाव बढ़ा तो CBI जांच की सिफारिश करनी पड़ी।
इसी बीच पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव, जो इस केस में सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए थे, शुक्रवार देर रात 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिए गए। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई, जब NEET छात्रा का मामला उबाल पर था। पप्पू यादव ने कथित ऑडियो क्लिप जारी कर इलाज में लापरवाही और प्रभावशाली लोगों की भूमिका का आरोप लगाया था, यहां तक कि एक मंत्री के बेटे की संलिप्तता का भी दावा किया गया।
अब सवाल साफ है क्या यह सिर्फ एक छात्रा की मौत थी, या सच को दफनाने की कोशिश? जवाब अब CBI की तफ्तीश पर टिका है, और इंसाफ की उम्मीद जंतर-मंतर की सड़कों पर धड़क रही है।