Bihar NEET UG Re Exam: वायुसेना के गजराज से पटना पहुंचा NEET प्रश्नपत्र, गयाजी और दरभंगा भेजा गया, पेपर लीक के दाग के बाद भरोसे की उड़ान, परीक्षार्थियों के लिए फ्री बस के इंतजाम
Bihar NEET UG Re Exam: 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र भारतीय वायुसेना के विशेष विमान गजराज के जरिए पटना पहुंचाए गए, ताकि पारदर्शिता और गोपनीयता पर कोई सवाल खड़ा न हो सके।
Bihar NEET UG Re Exam: बिहार में एक बार फिर नीट (यूजी) परीक्षा को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी है। पिछली परीक्षा पर लगे पेपर लीक के दाग और उससे उपजे सियासी बवाल के बाद अब सरकार और परीक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की कोताही के मूड में नहीं दिख रही हैं। यही वजह है कि 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र भारतीय वायुसेना के विशेष विमान गजराज के जरिए पटना पहुंचाए गए, ताकि पारदर्शिता और गोपनीयता पर कोई सवाल खड़ा न हो सके।
पटना एयरपोर्ट पर विमान के उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासनिक अधिकारियों और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े अफसरों ने पूरी प्रक्रिया को अपने कब्जे में ले लिया। कड़ी निगरानी और सुरक्षा घेरे के बीच प्रश्नपत्रों को निर्धारित कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाया गया। इसके बाद एक हिस्से को दरभंगा और दूसरे हिस्से को गया एयरपोर्ट भेजा गया, जहां संबंधित अधिकारियों को विधिवत सुपुर्द किया गया।
दरअसल, 3 जून को आयोजित नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के बाद रद्द कर दी गई थी। इस मामले ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। विपक्ष ने सरकार और एजेंसियों को कठघरे में खड़ा किया था, जबकि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य भी अधर में लटक गया था। ऐसे में 21 जून की पुनर्परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि व्यवस्था की साख बचाने की अग्निपरीक्षा बन गई है।
सियासी गलियारों में भी इस बार की तैयारी को लेकर चर्चा तेज है। प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि पिछली चूक से सबक लिया गया है और अब किसी भी सूरत में गोपनीयता से समझौता नहीं होगा। यही वजह है कि प्रश्नपत्रों की ढुलाई से लेकर वितरण तक हर कदम पर सुरक्षा का अभेद्य घेरा बनाया गया है।
इधर परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने भी बड़ा फैसला लिया है। 20 जून से लेकर परीक्षा समाप्ति तक नीट अभ्यर्थी राज्यभर में निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। एसी, नॉन-एसी, डिलक्स, लग्जरी, इलेक्ट्रिक और पिंक बसों समेत सभी सेवाओं में ‘जीरो टिकट’ की व्यवस्था लागू रहेगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा।
सरकार का यह कदम न सिर्फ आर्थिक राहत देने वाला है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अब निगाहें 21 जून पर टिकी हैं, जब लाखों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे और प्रशासन की पूरी कवायद की असली परीक्षा भी उसी दिन होगी। पेपर लीक के सियासी तूफान के बाद यह पुनर्परीक्षा व्यवस्था के लिए भरोसा बहाल करने का सबसे बड़ा इम्तिहान बन चुकी है।
रिपोर्ट- अभिजीत सिंह