Khan Sir vs Roshan Anand:खान सर के खिलाफ केस दर्ज न होने पर रौशन आनंद समर्थकों संग थाने में बैठे धरने पर
पटना पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज न किए जाने से नाराज होकर रौशन आनंद न्याय की मांग को लेकर अपने सैकड़ों समर्थकों और छात्रों के साथ थाना परिसर के भीतर ही धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर भारी तनाव की स्थिति है।
पटना के चर्चित कोचिंग संस्थान 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के निदेशक रौशन आनंद अपने भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार के बाद पटना लौट आए हैं. पटना पहुंचते ही वह सीधे कदमकुआं थाना पहुंचे. उनके थाने पहुंचने की खबर फैलते ही कोचिंग जगत और स्थानीय इलाके में भारी सनसनी फैल गई. रौशन आनंद के साथ उनके अधिवक्ता भी मौजूद थे, और इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी थाने के बाहर जुट गए।
खान सर के खिलाफ नहीं दर्ज हुई FIR, समर्थकों संग धरने पर बैठे
थाने पहुंचे रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के मामले में 'खान सर' के नाम से प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रौशन आनंद ने खान सर को नामजद करते हुए पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। हालांकि, कदमकुआं थाना पुलिस द्वारा तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के बाद मामला और बिगड़ गया। पुलिस के इस ढुलमुल रवैए से नाराज होकर रौशन आनंद न्याय की मांग को लेकर अपने समर्थकों और छात्रों के साथ थाना परिसर के भीतर ही धरने पर बैठ गए हैं।
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से लगाई न्याय की गुहार
थाने जाने से पहले ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा से भी मुलाकात की थी. मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने भाई प्रिंस की मौत के मामले में उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई. सूत्रों के अनुसार, सांसद संजय झा ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुराने कोचिंग विवाद और गिरफ्तारी से जुड़ा है मामला
पटना का यह हाई-प्रोफाइल कोचिंग विवाद पिछले कुछ समय से लगातार तूल पकड़ रहा है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले फैजल खान (खान सर) की शिकायत पर ही पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस विवाद के बीच ही रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई, जिसके बाद कई अन्य शिक्षकों ने भी सोशल मीडिया और बयानों के जरिए खान सर पर गंभीर आरोप लगाते हुए डर का माहौल होने की बात कही है।
सहकर्मियों की जमानत याचिका खारिज, थाना परिसर में तनाव
एक तरफ जहां रौशन आनंद एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना परिसर में समर्थकों संग डटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ इस कोचिंग विवाद मामले में उन्हें कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने इस विवाद से जुड़े उनके भाई अभिषेक और सहकर्मी गौरव की जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है. फिलहाल कदमकुआं थाना परिसर में भारी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस मामले को शांत कराने के प्रयास में जुटी है।
रिपोर्ट - रंजीत कुमार