पटना में 19 जून से सजेगा भव्य 'आम महोत्सव': एक ही छत के नीचे दिखेंगे दर्जनों किस्म के आम, 'आम खाओ और इनाम पाओ' प्रतियोगिता होगी मुख्य आकर्षण

पटना में 19 जून से सजेगा भव्य 'आम महोत्सव': एक ही छत के नीचे

Patna : राजधानी पटना के आम प्रेमियों और शहरवासियों के लिए एक बेहद मीठी और खुशगवार खबर है। आगामी 19 से 21 जून 2026 तक पटना में तीन दिवसीय भव्य 'आम महोत्सव-2026' का आयोजन होने जा रहा है, जहाँ लोगों को एक ही छत के नीचे आम की दर्जनों दुर्लभ और स्वादिष्ट किस्में देखने और चखने को मिलेंगी। बिहार सरकार के कृषि विभाग के अंतर्गत उद्यान निदेशालय की ओर से यह अनूठा आयोजन बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती), पटना परिसर में किया जा रहा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य में आम के उत्पादन को बढ़ावा देना और बागवानी के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना है।


'आम खाओ और इनाम पाओ' जैसी रोचक प्रतियोगिताएं

इस तीन दिवसीय आम महोत्सव को बेहद इंटरैक्टिव और मनोरंजक बनाया गया है। इसमें बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए कई तरह की रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 'आम खाओ और इनाम पाओ' प्रतियोगिता होगी, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। इसके अलावा आम पर नक्काशी (मैंगो कार्विंग) प्रतियोगिता, क्विज, चित्रकला प्रतियोगिता और आम आधारित विभिन्न स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी इस मेले का मुख्य केंद्र होंगे।


प्रदर्शनी में दिखेगी बिहार के खास आमों की विविधता

इस महोत्सव में लगने वाली विशाल प्रदर्शनी में बिहार और देश के अन्य हिस्सों में पाए जाने वाले आमों की अनूठी विविधता देखने को मिलेगी। यहाँ आने वाले लोग बिहार के मशहूर मालदह, भागलपुर के जीआई टैग प्राप्त जर्दालु, गुलाबखास, जर्दा बंबई, लंगड़ा, दशहरी, कृष्णभोग, अल्फांजो, हुस्नेआरा, बेनजीर, फजली और सीपिया जैसी आम की खास और प्रीमियम प्रजातियों का दीदार कर सकेंगे। साथ ही, महोत्सव में विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीक से आम की उन्नत खेती और इसके व्यापार को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने को लेकर भी गंभीर चर्चा आयोजित की जाएगी।


क्यूआर (QR) कोड से मिलेगी 'नो-कॉस्ट' एंट्री

डिजिटल इंडिया की तर्ज पर इस बार महोत्सव में आने वाले आगंतुकों और पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रवेश की बेहद आधुनिक और सरल व्यवस्था की गई है। मेले में प्रवेश करने के लिए परिसर के बाहर विशेष क्यूआर (QR) कोड लगाए गए हैं। आगंतुक अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके, अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर बेहद आसानी से अपना डिजिटल पास जनरेट कर सकते हैं। इस पूरे महोत्सव में आम जनता के लिए पंजीकरण और प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) रखा गया है।


आम उत्पादक किसानों को मिलेगा बड़ा मंच

बिहार सरकार का यह अनूठा प्रयास न केवल पटना के शहरी लोगों को आम की विविध संस्कृति से रूबरू कराएगा, बल्कि राज्य के दूर-दराज से आने वाले आम उत्पादक किसानों और बागवानों को भी एक बड़ा बाजार और मंच प्रदान करेगा। इस आयोजन से बिहार के कृषि क्षेत्र में प्रगति होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बिहार के आमों की ब्रांडिंग राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत हो सकेगी।