बिहार में पीपीपी मॉडल पर खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज: देश-विदेश के निवेशकों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत से की मुलाकात
चिकित्सा शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल शुरू की है। लोक-निजी-भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण 'हितधारक बैठक' आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश के
Patna : बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल शुरू की है। पटना के विकास भवन स्थित स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बुधवार को लोक-निजी-भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण 'हितधारक बैठक' (Stakeholders Meeting) आयोजित की गई। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश से आए विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों, निवेशकों और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत से शिष्टाचार मुलाकात की।
साझेदारी और निवेश के अवसरों पर गंभीर मंथन
मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस उच्च स्तरीय बैठक में बिहार के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संभावित निवेश और दीर्घकालिक साझेदारी के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए निवेशकों को बिहार में हरसंभव प्रशासनिक और ढांचागत सहयोग का भरोसा दिलाया।
बिहार के विकासशील स्वास्थ्य ढांचे की सराहना
बैठक में शामिल विभिन्न वैश्विक और राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बिहार में हाल के वर्षों में विकसित हुए स्वास्थ्य ढांचे और यहाँ मौजूद असीम संभावनाओं के प्रति गहरी रुचि दिखाई। निवेशकों का मानना था कि बिहार जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में पीपीपी मॉडल के जरिए विश्वस्तरीय सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित करना दोनों पक्षों के लिए बेहद फायदेमंद और जन-उपयोगी साबित होगा।
दूरदर्शी प्रयास के लिए सरकार का जताया आभार
स्वास्थ्य क्षेत्र के इस महत्वाकांक्षी और क्रांतिकारी कदम के लिए हितधारकों के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत को इस दूरदर्शी और प्रगतिशील प्रयास के लिए धन्यवाद दिया। प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से कहा कि इस दूरदर्शी पहल से न केवल बिहार के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे, बल्कि राज्य की जनता को अपने ही क्षेत्र में सस्ती और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
रोजगार और चिकित्सा के क्षेत्र में आएगी नई क्रांति
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि बिहार सरकार के इन निरंतर प्रयासों से आने वाले समय में राज्य के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिलेगा। इस पीपीपी मॉडल की सफलता से राज्य में बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर होगी तथा बिहार पूरे देश में चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) और शिक्षा के एक नए केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा।