"निशांत की यात्रा जदयू को बचाने का अंतिम प्रयास": कांग्रेस नेता राजेश राठौड़ का नीतीश कुमार पर बड़ा हमला
Bihar Politics : कांग्रेस ने निशांत के सद्भाव यात्रा को लेकर पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के नेता राजेश राठौड़ ने कहा है कि वंशवाद के खिलाफ राजनीति का दावा करने वाले नीतीश कुमार आज उसी राह पर चल पड़े है....
Patna : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की चंपारण से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन और मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इस यात्रा को लेकर नीतीश कुमार पर तीखा प्रहार किया है। राठौड़ ने कहा कि यह यात्रा दरअसल जदयू को बचाने का नीतीश कुमार का अंतिम और हताश प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नीतीश कुमार जीवन भर वंशवाद के खिलाफ राजनीति करने का दावा करते रहे, आज वही अपनी विरासत बचाने के लिए 'परिवारवाद' का सहारा ले रहे हैं।
राजेश राठौड़ ने निशांत कुमार पर तंज कसते हुए उन्हें '50 वर्षीय बेरोजगार' करार दिया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पिछले 20 वर्षों से अपने पिता के मुख्यमंत्री रहते हुए केवल मुख्यमंत्री आवास की सुख-सुविधाओं का आनंद लेते रहे। इस दौरान उन्होंने कभी भी बिहार के युवाओं की समस्याओं या पार्टी संगठन की मजबूती के लिए कोई चिंता नहीं दिखाई। अब जब भाजपा जदयू को निगलने का प्रयास कर रही है, तब नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए मजबूरी में अपने पुत्र को चुनावी मैदान और सड़कों पर उतारा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने नीतीश कुमार की राजनीतिक शुचिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जेपी और लोहिया के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी अब पूरी तरह भाजपा के दबाव में है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने दो दशकों के शासनकाल में परिवारवाद को सबसे बड़ा मुद्दा बनाकर राजनीति की, लेकिन आज वे खुद उसी 'वंशवाद के बीज' को बिहार की धरती पर खिलाने की कोशिश कर रहे हैं। राठौड़ के अनुसार, भाजपा के हाथों सत्ता और प्रभाव छीजते देख नीतीश कुमार को अब केवल अपने परिवार का ही सहारा दिखाई दे रहा है।
राठौड़ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिहार का युवा निशांत कुमार से यह जरूर पूछेगा कि पिछले 20 सालों में उन्होंने युवाओं की आवाज सुनने या संगठन के लिए क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार अब अपनी राजनीतिक विरासत को जबरन थोपने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य की जनता और युवा अब जागरूक हैं और वे इस 'पार्टी बचाओ यात्रा' की असलियत को समझ रहे हैं। उनके अनुसार, यह यात्रा जनहित के लिए नहीं, बल्कि केवल एक परिवार की सत्ता को सुरक्षित रखने का जरिया मात्र है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने निशांत कुमार की इस 'सद्भाव यात्रा' को पूरी तरह से एक राजनीतिक स्टंट और परिवारवाद को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है। राजेश राठौड़ के इस बयान ने बिहार की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि आगामी चुनावों को देखते हुए जदयू के भीतर चल रही इस नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट पर विपक्ष ने अभी से घेराबंदी शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि जदयू की ओर से कांग्रेस के इन तीखे हमलों का क्या जवाब आता है।
नरोत्तम की रिपोर्ट