मंत्री जी कौन है जो आपका आदेश नहीं मानता ! कैशलैस मेडिकल सुविधा पर सदन में घिर गई नीतीश सरकार, सत्ता-विपक्ष हुआ एकजुट

एमएलसी सैय्यद फैसल अली ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्यकर्मियों और जनप्रतिनिधियों के लिए कैशलैस इलाज की घोषणा पहले भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया

cashless medical facility in Bihar- फोटो : news4nation

Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में मंगलवार को विधायकों, एमएलसी और राज्यकर्मियों को कैशलैस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग पर जोरदार बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ने एक सुर में सरकार से सवाल पूछे और योजना में हो रही देरी पर नाराज़गी जताई। 


एमएलसी सैय्यद फैसल अली ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्यकर्मियों और जनप्रतिनिधियों के लिए कैशलैस इलाज की घोषणा पहले भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी नवल किशोर यादव ने कहा कि पिछले साल भी कैशलैस व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कौन है जो मंत्री की बात भी नहीं मानता, और एक साल बीतने के बाद भी योजना जमीन पर क्यों नहीं उतरी। उन्होंने वित्त विभाग पर भी अड़चन खड़ी करने का आरोप लगाया।


जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी खालिद अनवर ने सदन में व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मां का इलाज कराया था, जिसमें करीब 3 लाख रुपये का बिल आया, लेकिन उन्हें सिर्फ 2 लाख रुपये की ही प्रतिपूर्ति मिली। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में आम लोगों और जनप्रतिनिधियों—दोनों को परेशानी हो रही है।


एक अन्य सदस्य राज्यवर्धन सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से सीधा सवाल करते हुए कहा कि आखिर मंत्री जी को क्या दिक्कत है, और योजना लागू करने में कहां परेशानी आ रही है, यह सदन को साफ-साफ बताया जाना चाहिए।


इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जवाब देते हुए कहा कि यह पूरा मामला वित्त विभाग से जुड़ा हुआ है। बिना बजट और फंड की व्यवस्था किए किसी भी योजना को शुरू करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया के कारण भी इसमें देरी हुई है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि कैशलैस मेडिकल व्यवस्था को लागू करने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है।


बहस के दौरान सभापति अवधेश नारायण सिंह ने महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इलाज में खर्च की गई राशि का भुगतान देर से होता है, तो क्या सरकार उस पर ब्याज देगी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। चर्चा में एमएलसी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में कैशलैस मेडिकल सुविधा पहले से लागू है, ऐसे में बिहार में इसे लागू करने में देरी समझ से परे है।

अभिजीत की रिपोर्ट