Bihar News: सुधा बूथ पर अब बकरी के दूध की बिक्री शुरू, नगर निकाय बेचेंगे मीट! नीतीश सरकार के नए फैसले ने सबको चौंकाया, जानिए नया प्लान

Bihar News: बिहार में जल्द ही बकरी के दूध और मांस की संगठित बिक्री की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार की योजना के तहत अब पूरे बिहार में सुधा बूथों के माध्यम से बकरी के दूध की बिक्री की जाएगी। वहीं बकरे के मांस की बिक्री नगर निगम करेगा।

सीएम नीतीश का मास्टर प्लान - फोटो : social media

Bihar News: बिहार की नीतीश सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। नीतीश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों की सेहत सुधारने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाया है। इसके तहत अब राज्य के प्रसिद्ध सुधा डेयरी बूथों पर अब गाय और भैंस के दूध के साथ-साथ बकरी का दूध भी उपलब्ध होगा। सरकार का यह फैसला न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए बड़ी खबर है, बल्कि राज्य के पशुपालकों के लिए भी आय का नया जरिया बनने जा रहा है।

नीतीश सरकार का नया प्लान 

सबसे खास बात यह है कि सरकार ने बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए गरीबों को 90% तक की भारी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत, अब कम लागत में बकरी पालन शुरू कर ग्रामीण सीधे सुधा को दूध बेच सकेंगे। सरकार का लक्ष्य इस पहल के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और बकरी के दूध की औषधीय खूबियों को आम जनता तक पहुँचाना है।

इन शहरों में शुरु होगी बिक्री 

इसके साथ ही बकरे के मांस की बिक्री नगर निगम और नगर निकायों के जरिए कराए जाने की तैयारी है। जानकारी अनुसार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसकी जानकारी विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे प्रमुख शहरों में इसकी बिक्री शुरू की जाएगी।

जलवायु अनुकूल बकरीपालन पर कार्यशाला

सोमवार को एक होटल में जलवायु अनुकूल बकरीपालन और प्रबंधन पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों ने इस योजना की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने किया। सचिव ने बताया कि राज्य की सभी पंचायतों में जल्द ही सुधा बूथ स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही राज्य में गोट फेडरेशन का गठन किया जाएगा और प्रत्येक जिले में गोट स्पेशलिस्ट की नियुक्ति होगी। इन विशेषज्ञों को प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान भेजा जाएगा।

गरीब परिवारों को 90% तक अनुदान

बकरीपालन को बढ़ावा देने के लिए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा को थिंक टैंक के रूप में जोड़ा जाएगा। ये संस्थान किसानों को वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बकरीपालन गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है। इसके तहत बीपीएल परिवारों को 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर तीन प्रजनन योग्य बकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य के 34,218 परिवारों को कुल 1,02,654 बकरियां वितरित की जा चुकी हैं।

देश में चौथे स्थान पर बिहार

मंत्री के अनुसार देश में लगभग 12 करोड़ बकरियां हैं, जो दुनिया की कुल बकरी आबादी का करीब 20 प्रतिशत है। बिहार में बकरियों की संख्या करीब 1.28 करोड़ है, जिससे यह राज्य देश में चौथे स्थान पर है। इसके अलावा गया में गोट सिमेन बैंक की स्थापना की योजना को भी हाल ही में मंजूरी दी गई है, जिससे बकरीपालन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।