Patna News: ज्ञान की विरासत पर मिशन मोड में उतरी नीतीश सरकार, बिहार की पांडुलिपियों को मिलेगा नया जीवन

Patna News: बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पांडुलिपियों को अब वक्त और लापरवाही के हवाले नहीं छोड़ा जाएगा। ...

ज्ञान की विरासत पर मिशन मोड में उतरी नीतीश सरकार- फोटो : reporter

Patna News: पटना की सत्ता के गलियारों से एक अहम और दूरगामी फैसला सामने आया है। बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पांडुलिपियों को अब वक्त और लापरवाही के हवाले नहीं छोड़ा जाएगा। ज्ञान भारतम मिशन के तहत राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित करने के लिए मिशन मोड अभियान छेड़ दिया है। साफ है कि यह सिर्फ संस्कृति नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक संकल्प का भी इम्तिहान है।

बुधवार को बिहार संग्रहालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अफसरशाही को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि राज्यभर में बिखरी पांडुलिपियों की तलाश और सूचीकरण अब टालने का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अभियान बिहार दिवस से पहले हर जिले में शुरू हो और इसकी रफ्तार किसी भी हाल में धीमी न पड़े।

सरकार ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को इस पूरे अभियान की नोडल अथॉरिटी बनाया है, जबकि बिहार संग्रहालय को संचालन की कमान सौंपी गई है। मठ, मंदिर, निजी पुस्तकालय, रिकॉर्ड रूम कोई भी जगह अब इस सर्वे से बाहर नहीं रहेगी। सत्ता का संदेश साफ है: जो ज्ञान छुपा है, उसे सामने लाना ही होगा।

मुख्य सचिव ने हर जिले में तकनीकी टीम गठित करने और हर 14 दिन में मॉनिटरिंग की बात कहकर यह जता दिया कि यह सिर्फ फाइलों की योजना नहीं, बल्कि जमीन पर उतरने वाला अभियान है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिहार दिवस-2026 पर पांडुलिपि संरक्षण में योगदान देने वालों को सम्मानित कर सरकार एक सांस्कृतिक नैरेटिव भी गढ़ेगी।

बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटाइजेशन की रूपरेखा पेश करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में विशेष प्रयोगशालाएं और विशेषज्ञ टीमें गठित की जा सकती हैं। सरकार का इरादा इन धरोहरों को नेशनल डिजिटल रिपोजिटरी से जोड़कर बिहार को ज्ञान की वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का है।

सियासत की भाषा में कहें तो, यह पहल सिर्फ संस्कृति बचाने की नहीं, बल्कि बिहार की पहचान, अस्मिता और विरासत को सत्ता के एजेंडे में केंद्र में लाने की रणनीति है। अब देखना है कि यह मिशन फाइलों तक सिमटता है या वाकई इतिहास को भविष्य से जोड़ पाता है।