पप्पू यादव का तीखा हमला: यूजीसी मामले में बीजेपी को घेरा, महाराष्ट्र विमान हादसे की सीबीआई जांच की मांग
पूर्व सांसद पप्पू यादव ने यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और महाराष्ट्र में हुए चार्टर्ड प्लेन क्रैश को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नियम समाज को बांटने की कोशिश थे, जिसे न्यायालय ने विफल कर
Patna : पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता पप्पू यादव ने यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और महाराष्ट्र में हुए चार्टर्ड प्लेन क्रैश को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान इन मुद्दों को सामाजिक न्याय और सुरक्षा में बड़ी चूक करार दिया।
यूजीसी विवाद: "समाज को बांटने की कोशिश सफल नहीं होगी"
यूजीसी के 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस 2026' पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की मानसिकता हमेशा से समाज को विभाजित करने की रही है।
उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन सरकार आखिर क्या कर रही है? बीजेपी की परिभाषा ही समाज को तोड़ने की है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि किसी भी नियम को केवल 'सवर्ण' या 'गैर-सवर्ण' के नजरिए से देखना गलत है। योग्यता और समानता का अधिकार हर वर्ग के बच्चे के लिए है, चाहे वह यादव हो, कुशवाहा हो, या किसी अन्य समाज का।
महाराष्ट्र विमान हादसा: "आखिर बड़े नेता ही क्यों मर रहे हैं?"
महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मृत्यु हुई, उस पर पप्पू यादव ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे महज एक दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।
पप्पू यादव ने कहा, "महाराष्ट्र के इतने बड़े नेता और वीआईपी लगातार विमान हादसों का शिकार क्यों हो रहे हैं? पहले मुंडे साहब, फिर वीके सिंह के विमान का मामला और अब अजीत पवार। आखिर हर बार प्लेन क्रैश के मामलों को दबा क्यों दिया जाता है?" उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए कहा कि इसकी तह तक जाना जरूरी है कि यह कोई साजिश तो नहीं।
नीट और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा
पप्पू यादव ने नीट (NEET) मामले और अन्य प्रशासनिक विफलताओ पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और दलालों के नेटवर्क ने पूरी व्यवस्था को खोखला कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि बड़े सिंडिकेट के लोग बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए है। स्थानीय राजनीति और कांग्रेस के संदर्भ में पूछे गए सवालों पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, "क्या अब कांग्रेस का ठेका भी मैंने ही ले रखा है?"
Report - Ranjit kumar