Nitish Kumar record: नीतीश कुमार का अनोखा राजनीतिक रिकॉर्ड, 10 बार CM शपथ, अब 7वां इस्तीफा! फिर मोड़ पर मुख्यमंत्री का सियासी सफर

Nitish Kumar record:नीतीश कुमार के सियासी सफर में इस्तीफा और शपथ मानो एक राजनीतिक परंपरा बन चुकी है।...

सुशासन बाबू का एक और बड़ा फैसला तय?- फोटो : social Media

Nitish Kumar record: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल और कयासों का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब सत्ता के सिंहासन से उतरने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और 10 अप्रैल को वे राज्यसभा की शपथ लेंगे। ऐसे में सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि शपथ से पहले या तुरंत बाद वे मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं।

नीतीश कुमार का यह संभावित इस्तीफा कोई नई बात नहीं मानी जा रही। दरअसल, उनके सियासी सफर में इस्तीफा और शपथ मानो एक राजनीतिक परंपरा बन चुकी है। करीब 25 वर्षों के राजनीतिक करियर में उन्होंने अब तक 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वहीं, गठबंधन की राजनीति और नैतिक जिम्मेदारी के नाम पर कई बार उन्होंने सत्ता छोड़ी भी है।

सियासत के जानकार इसे रणनीतिक चाल और सियासी मजबूरी दोनों के रूप में देख रहे हैं। जेडीयू के नेता इसे उनकी पारदर्शिता और जवाबदेही बताते हैं, जबकि विपक्ष इसे पलटू राजनीति करार देकर निशाना साधता रहा है।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा। अटल सरकार में रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने 1999 के गैसाल रेल हादसे के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था, जो भारतीय राजनीति में एक मिसाल बना।

हालांकि, उनके शासनकाल में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव भी देखने को मिले। बिहार को ‘जंगलराज’ की छवि से बाहर निकालने का श्रेय भी काफी हद तक उन्हें दिया जाता है।

अब जब वे राज्यसभा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बिहार की सियासत एक नए मोड़ पर खड़ी है? क्या यह सिर्फ एक और सियासी दांव है या फिर किसी बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा रही है?फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें उनके अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि नीतीश कुमार का हर फैसला बिहार की राजनीति में भूकंप जैसी हलचल पैदा करता रहा है।