Patna Purnia Expressway: पटना-पूर्णिया परियोजना को लेकर फैली अफवाहों पर बिहार सरकार का जवाब, नहीं बदला गया मार्ग, एक्सप्रेसवे पर सियासत की स्पीड ब्रेकर!

Patna Purnia Expressway: समस्तीपुर जिले में एक्सप्रेसवे के मार्ग में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है और भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया उसी मूल स्वीकृत संरेखण के आधार पर चल रही है, जिसे जनवरी 2025 में अंतिम मंजूरी दी गई थी।

अफवाहों पर विराम!- फोटो : social Media

Patna Purnia Expressway:  बिहार की महत्वाकांक्षी पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर उठे विवाद और सियासी बयानबाजी के बीच पथ निर्माण विभाग ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी करते हुए कथित संरेखण परिवर्तन की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया है। विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि समस्तीपुर जिले में एक्सप्रेसवे के मार्ग में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है और भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया उसी मूल स्वीकृत संरेखण के आधार पर चल रही है, जिसे जनवरी 2025 में अंतिम मंजूरी दी गई थी।

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में एक्सप्रेसवे का रूट बदला गया है। लेकिन जमीनी हकीकत और आधिकारिक रिकॉर्ड इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किलोमीटर 48+000 से 53+000 के बीच मार्ग में कोई विचलन या संशोधन नहीं हुआ है।

सरकार का कहना है कि इस परियोजना का संरेखण किसी व्यक्ति विशेष के हित को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक जरूरतों, तकनीकी व्यवहार्यता और भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुरूप तय किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति द्वारा गहन समीक्षा के बाद इस मार्ग को मंजूरी दी गई थी।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि के.एस.आर. कॉलेज का मुख्य भवन पूरी तरह सुरक्षित है। केवल उसकी कुछ खाली जमीन अधिग्रहण की सीमा में आ रही है। सरकार के अनुसार यदि कथित वैकल्पिक मार्ग अपनाया जाता तो 200 से अधिक मकान और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित होते, जबकि मौजूदा संरेखण में केवल 65 ढांचे प्रभावित हो रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन सरकार ने दो टूक संदेश दिया है कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को पारदर्शिता, नियमों और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाएगा। साथ ही जनता से अपील की गई है कि अफवाहों और भ्रामक खबरों से सावधान रहें, क्योंकि विकास की राह में भ्रम फैलाने की कोशिशें भी कम नहीं हैं।