4 महीने भी नहीं चली थानेदारी! फतुहा थाना प्रभारी कुमार रौशन लाइन हाजिर, जानिए क्यों हुई चुपके से विदाई
फतुहा के थाना प्रभारी कुमार रौशन की महज 4 महीने के भीतर ही चुपके से विदाई कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, एक जमीन विवाद मामले में कार्रवाई न करने पर उन्हें लाइन क्लोज किया गया है। अब 2009 बैच के तेजतर्रार अधिकारी श्रीमंत सुमन फतुहा थाने की नई कमान स
पटना पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ फतुहा के थाना प्रभारी कुमार रौशन की महज 4 महीने के भीतर ही चुपके से विदाई कर दी गई है। राजधानी के थानों में अमूमन अधिकारियों को एक तय वक्त मिलता है, लेकिन फतुहा में हुआ यह अचानक फेरबदल हर किसी को चौंका रहा है। बिना किसी बड़े शोर-शराबे के थाना प्रभारी को पद से हटाए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिसिंग और प्रशासनिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आखिर क्यों छिन गई थानेदारी?
इस अचानक हुई कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजह अब खुलकर सामने आने लगी है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निवर्तमान थाना प्रभारी कुमार रौशन पर एक जमीन विवाद के मामले में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि जमीन से जुड़े इस संवेदनशील मामले में उनके द्वारा समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामले की शिकायत जब वरीय अधिकारियों तक पहुँची, तो विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन क्लोज (लाइन हाजिर) कर दिया।
महज 4 महीने का रहा छोटा सफर
अगर कुमार रौशन के इस कार्यकाल के फ्लैशबैक में जाएं, तो उनकी फतुहा में तैनाती इसी साल 13 फरवरी 2026 को की गई थी। इससे पहले वह पटना के सुल्तानगंज थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। फरवरी में जब फतुहा के तत्कालीन थानेदार सदानंद साह को हटाकर पुलिस केंद्र भेजा गया था, तब कुमार रौशन को फतुहा की कमान सौंपकर बेहतर कानून व्यवस्था की उम्मीद की गई थी। हालांकि, विभागीय गाज गिरने के कारण उनका यह सफर 4 महीने भी पूरा नहीं कर सका।
श्रीमंत सुमन के हाथों में कमान
कुमार रौशन की विदाई के बाद अब फतुहा थाने की कमान संभालने के लिए नए थानेदार की एंट्री हो गई है। वर्ष 2009 बैच के अनुभवी अधिकारी श्रीमंत सुमन गुरुवार को फतुहा के नए थाना प्रभारी के रूप में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में वह पटना सदर SDPO-2 कार्यालय में पर्यवेक्षी पदाधिकारी (Supervisory Officer) के पद पर तैनात थे। खास बात यह है कि श्रीमंत सुमन इससे पहले फतुहा SDPO-1 कार्यालय में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिससे उन्हें इस इलाके के मिजाज और अपराध नियंत्रण का पुराना और गहरा अनुभव है।