Patna Girls Hostel: शंभू हॉस्टल की दीवारों में दफ्न राज के खुलासे के लिए एसआईटी से जुड़े एक और IPS, CID अधिकारी की हुई एंट्री , अब तक हिरासत में छह संदिग्ध

सिटी एसपी कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें जांच को और धार देने के लिए SIT का विस्तार किया गया। एक आईपीएस और CID अधिकारी की एंट्री के साथ टीम की संख्या 30 से बढ़कर 50 हो गई है।

शंभू हॉस्टल की दीवारों में दफ्न राज के खुलासे के लिए एसआईटी से जुड़े एक और IPS- फोटो : reporter

Patna Girls Hostel: बिहार की राजधानी पटना के मुन्नाचक इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल जहां नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ दरिंदगी की वारदात ने पूरे सूबे को झकझोर दिया, अब पुलिसिया तफ्तीश के सबसे सख़्त घेरे में है। गुरुवार को SIT ने हॉस्टल संचालक और मालिक से जुड़े छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिससे मामले की परतें एक-एक कर खुलने लगी हैं। हिरासत में लिए गए सभी लोग सीधे तौर पर हॉस्टल प्रबंधन से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस के वरीय अधिकारियों का कहना है कि जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। दर्जनों लोगों के बयान, तकनीकी सबूतों का मिलान और डीएनए प्रोफाइलिंग हर क़दम पर शिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार को सिटी एसपी कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें जांच को और धार देने के लिए SIT का विस्तार किया गया। एक आईपीएस और CID अधिकारी की एंट्री के साथ टीम की संख्या 30 से बढ़कर 50 हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, SIT ने हॉस्टल संचालिका और उसके बेटे से भी घंटों पूछताछ की, ताकि उस रात की गतिविधियों, आवाजाही और भीतर के हालात की कड़ियां जोड़ी जा सकें। जांच का दायरा अब केवल हॉस्टल तक सीमित नहीं रहा; पटना से लेकर जहानाबाद तक पुलिस की टीमें छापेमारी और पूछताछ में जुटी हैं। बचे हुए संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि फॉरेंसिक साक्ष्यों से सच्चाई को बेनक़ाब किया जा सके।

बुधवार को SIT ने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के जहानाबाद स्थित पैतृक गांव में दबिश दी। वहां परिजनों और पड़ोसियों से सवाल-जवाब हुए घटना के वक्त वह कहां था, आख़िरी बार गांव कब आया, और किन लोगों से उसका संपर्क रहा। तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज़ हाथ लगे, जिन्हें पुलिस पटना लेकर आई है। माना जा रहा है कि इन काग़ज़ों में लेन-देन, कॉलिंग पैटर्न या प्रबंधन से जुड़े ऐसे सुराग हो सकते हैं, जो केस की दिशा तय करें।

एफएसएल रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि ने केस की दिशा बदल दी थी। अब सवाल यही है स्पर्म किसका है? जवाब तलाशने के लिए छात्रा के परिजन समेत करीब 40 लोगों के डीएनए सैंपल जुटाए जा रहे हैं। हालांकि, बिसरा रिपोर्ट और एम्स के सेकेंड ओपिनियन का इंतज़ार अभी बाकी है। पुलिस का दावा है जैसे-जैसे रिपोर्ट आएंगी, हॉस्टल की दीवारों में छिपे राज़ बाहर आते जाएंगे, और दरिंदगी के गुनहगार बेनक़ाब होंगे।