Bihar News : पटना हाईकोर्ट में बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही पर सुनवाई टली, कोर्ट ने सभी जिलों और प्रदूषण बोर्ड को हलफनामा दायर करने का दिया निर्देश

Bihar News : बिहार के सरकारी और निजी अस्पतालों द्वारा बायो-मेडिकल वेस्ट (अस्पतालों के कचरे) के वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण नहीं किए जाने के मामले में पटना हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है।

सुनवाई टली - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट में  राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों  द्वारा बायो मेडिकल बेस्ट (अस्पतालों का कूड़ा कचरा) को सही ढंग से निस्तारित ( नष्ट या हटाये) नही किये जाने के मामलें पर सुनवाई पुनः टल गयी। चीफ  जस्टिस वी कामेश्वर राव की खंडपीठ इस  जनहित याचिका की सुनवाई कर रही हैं। पहले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट  को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि लगभग सभी जिलों में इससे सम्बन्धित  कानून के अनुसार काम हो रहे हैं। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  को की जा रही कार्रवाईयों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश  दिया था। इस मामलें पर अगली सुनवाई 20 नवंबर, 2026 को होगी।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य के विभिन्न जिलों और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  को अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता विकास चन्द्र उर्फ गुडडु बाबा ने कोर्ट को बताया था कि कोर्ट के आदेश के बाद दस जिलों से ही इस सन्दर्भ में  रिपोर्ट आया  था। साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  ने भी की गयी कार्रवाईयों का ब्यौरा दिया, लेकिन हलफनामा दायर नही किया था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आज कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किया।

 कोर्ट ने सभी बचे जिलों व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दो सप्ताह में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था ।गौरतलब है कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार के जिलों व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाईयों का ब्यौरा देने का आदेश दिया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जिला के डी एम  से इस तरह के अस्पतालों पर  की गई कार्रवाई का रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताने को कहा था कि ऐसे कितने अस्पतालों को नोटिस दे कर क्या कार्रवाई की गई हैं।

याचिकाकर्ता विकास चन्द्र उर्फ गुडडू बाबा ने कोर्ट को बताया था कि राज्य में ऐसे कई छोटे बडे अस्पताल व नर्सिंग होम  है,जो नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं।इससे बडे पैमाने प्रदूषण फैलता है,जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।अस्पतालों के कूडे कचरे को इधर उधर मनमाने ढंग से निस्तारित कर दिया जाता है। इस मामलें पर अगली सुनवाई पुनः  20 नवंबर, 2026 को की जायेगी।