पटना हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन चुनाव का बिगुल बजा: इतने उम्मीदवारों ने ठोंकी ताल, 17 अप्रैल को होगा फैसला
पटना हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। 17 अप्रैल को होने वाले मतदान में 5,262 वकील हिस्सा लेंगे। चुनाव में पारदर्शिता के लिए इस बार रंगीन फोटो वाले बैलेट पेपर और अनिवार्य पहचान पत्र का नियम लागू किया गया है।
Patna - पटना हाई कोर्ट के सबसे बड़े और पुराने अधिवक्ता संघ, 'एडवोकेट एसोसिएशन' के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी मैदान में उतरने के लिए अब तक विभिन्न पदों हेतु कुल 117 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्रों की खरीद की है। चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी और वरीय अधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया कि सभी 11 पदों के लिए आगामी 17 अप्रैल, 2026 को मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी। एसोसिएशन के करीब 5 हजार 2 सौ 62 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी का चयन करेंगे।
नामांकन और स्क्रूटनी का पूरा शेड्यूल जारी
निर्वाची पदाधिकारी के अनुसार, चुनाव की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत समय-सारणी तैयार की गई है। इच्छुक उम्मीदवार 1 और 2 अप्रैल, 2026 को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके पश्चात, 3 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है, तो उसके लिए 7 अप्रैल, 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है।
बैलेट पेपर पर होगी रंगीन फोटो, पहचान पत्र अनिवार्य
इस बार के चुनाव में तकनीकी और सुरक्षा के लिहाज से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पिछले चुनाव की तर्ज पर इस बार भी मतपत्रों (बैलेट पेपर) पर उम्मीदवारों के नाम के साथ उनकी रंगीन फोटो छपी रहेगी, जिससे मतदाताओं को पहचान करने में आसानी हो। इसके अलावा, मतदान के दिन सभी अधिवक्ता मतदाताओं को संघ का पहचान पत्र (Identity Card) लाना अनिवार्य होगा। निर्वाची पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी सदस्य को मतदान केंद्र में प्रवेश या वोट डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मतदाताओं से पहचान पत्र बनवाने की अपील
चुनाव समिति ने सभी वकील मतदाताओं से अपील की है कि वे निष्पक्ष और सुचारू मतदान में सहयोग करें। जिनके पास वर्तमान में एसोसिएशन का पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, वे समय रहते एसोसिएशन कार्यालय में आवेदन देकर अपना कार्ड बनवा लें। एसोसिएशन का प्रयास है कि चुनाव में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो और प्रक्रिया पूरी तरह विवाद रहित रहे।