Bihar News : पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिल्डर के आर्म्स लाइसेंस खारिज करने का आदेश किया रद्द, डीएम को 3 महीने में पुनर्विचार का निर्देश

Bihar News : टना उच्च न्यायालय ने व्यवसायियों और बिल्डरों की सुरक्षा तथा हथियार लाइसेंस से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश दिया है......पढ़िए आगे

डीएम को निर्देश - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने बिजनेसमैन और बिल्डरों की सुरक्षा और हथियार लाइसेंस से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश दिया है। जस्टिस आलोक कुमार की एकलपीठ ने पटना के जिलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा एक बिल्डर के आर्म्स लाइसेंस आवेदन को खारिज करने वाले आदेशों को रद्द कर दिया है। ये मामला विग्रहपुर (पटना) निवासी और 'विग्रहपुरम् डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक संजय कुमार यादव ने अपने व्यावसायिक कामकाज और दिन-रात यात्रा के दौरान जान के खतरे को देखते हुए N.P. Bore रिवॉल्वर/पिस्तौल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।  

पुलिस स्टेशन, जक्कनपुर  और एसएसपी,पटना ने अपनी जांच रिपोर्ट में लाइसेंस देने की सकारात्मक सिफारिश की थी। सिफारिशों के बावजूद पटना डीएम (04.08.2023) और प्रमंडलीय आयुक्त (30.04.2024) ने आवेदन खारिज कर दिया। आवेदक पर  एक पुराना आपराधिक मामला (रामकृष्ण नगर थाना केस संख्या 502/2021) दर्ज था।इस  मामलें पर सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि याचिकाकर्ता उस आपराधिक केस से 23 फरवरी, 2024 को ही बाइज्जत बरी  हो चुका था। कोर्ट ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बिंदु रेखांकित किए।

प्राधिकारी केवल आशंका, अस्पष्ट आरोपों या मनमर्जी के आधार पर लाइसेंस रद्द या खारिज नहीं कर सकते। महज एफआईआर या केस होना पर्याप्त नहीं है, यदि आवेदक किसी मामले से बरी हो चुका है या केवल एफआईआर दर्ज है, तो उसे आधार बनाकर लाइसेंस देने से इनकार नहीं किया जा सकता। किसी नागरिक को केवल इस आधार पर लाइसेंस देने से मना नहीं किया जा सकता कि उसके सामने कोई "तत्काल या विशिष्ट खतरा" नहीं है।

कोर्ट ने जिला प्रशासन के पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए पटना के जिलाधिकारी को आदेश दिया है कि वे 3 महीने के भीतर नई पुलिस रिपोर्ट और याचिकाकर्ता के बिल्डर होने के नाते सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्म्स लाइसेंस के आवेदन पर पुनर्विचार करें और नए सिरे से निर्णय लें।