बिहटा पावर हाउस की खराबी से नौबतपुर में त्राहि-त्राहि, 60 गांवों में ब्लैकआउट, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

नौबतपुर के पश्चिमी इलाके में बिहटा पावर हाउस के जिनपूरा फीडर से बिजली आपूर्ति पिछले 3 दिनों से ठप है। 60 गांवों की 1.20 लाख आबादी अंधेरे और पानी के गंभीर संकट से जूझ रही है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।

Naubatpur Power Outage
नौबतपुर में त्राहि-त्राहि 60 गांवों में ब्लैकआउट- फोटो : news 4 nation AI

पटना जिले के नौबतपुर प्रखंड के पश्चिमी इलाके में स्थित बिहटा पावर हाउस के जिनपूरा फीडर से होने वाली बिजली आपूर्ति पिछले तीन दिनों से पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली विभाग द्वारा हल्की बारिश और तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर बार-बार लाइन काट दी जाती है। स्थिति यह है कि अगर थोड़ी देर के लिए बिजली आती भी है, तो मात्र दो मिनट के भीतर ही दोबारा कट जाती है। इसके कारण गोनवां, नरेंद्र रामपुर, खासपुर, भगवान कालापुर, धोबिया कालापुर और सदिसोपुर समेत क्षेत्र के करीब 60 गांवों में पूरी तरह से अंधेरा छाया हुआ है।


1.20 लाख की आबादी प्रभावित, पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि

इस भयंकर बिजली संकट के कारण इलाके की 1,20,000 (1.20 लाख) से अधिक की आबादी न केवल अंधेरे में रहने को मजबूर है, बल्कि बूंद-बूंद पानी के लिए भी तरस रही है। लगातार बिजली न रहने से घरों में लगे वाटर मोटर और बोरिंग पूरी तरह बंद पड़े हैं। इसके चलते पीने के पानी के साथ-साथ रोजाना के आवश्यक कार्यों के लिए भी ग्रामीणों के बीच त्राहि-त्राहि मची हुई है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।


बिजली अधिकारियों की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बिजली विभाग की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में विद्युत विभाग के खिलाफ उग्र आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या से निजात पाने के लिए जब वे शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करते हैं, तो विभागीय अधिकारी और कर्मचारी फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझते। इस प्रशासनिक उदासीनता ने लोगों की परेशानियों को और अधिक बढ़ा दिया है।


समस्या का तुरंत समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

विभागीय ढुलमुल रवैये से तंग आकर ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिहटा पावर हाउस से बिजली की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो वे इस उदासीनता के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त न होने पर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और आंदोलन करने का फैसला किया है।

सुमित कुमार की रिपोर्ट