गोह विधानसभा चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: राजद विधायक की जीत पर मंडराया खतरा, थमाया नोटिस

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के गोह निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पटना हाईकोर्ट के जस्टिस एस बी पी सिंह ने भाजपा के पराजित प्रत्याशी डॉ. रणविजय कुमार की उस चुनाव याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है

Patna : पटना हाईकोर्ट ने गोह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार डॉ. रणविजय कुमार की चुनाव याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। राजद के विजयी विधायक अमरेंद्र सिंह पर धांधली और नामांकन में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। पटना हाईकोर्ट के जस्टिस एस बी पी सिंह ने गोह निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के पराजित उम्मीदवार डॉ. रणविजय कुमार द्वारा दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए विधिवत स्वीकृत कर लिया है। इसके साथ ही, अदालत ने विजयी राजद प्रत्याशी अमरेंद्र कुमार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

हार-जीत का गणित और धांधली के दावे

वरीय अधिवक्ता निवेदिता निर्विकार ने कोर्ट में आंकड़ों के जरिए बताया कि मुकाबला काफी करीबी था। राजद प्रत्याशी को 93,624 मत मिले, जबकि डॉ. रणविजय सिंह के पक्ष में 89,583 मत पड़े। मात्र 4,041 वोटों के अंतर से हुई इस पराजय के पीछे वकील ने मतदान और मतगणना में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

नामांकन और मतदान में 'गड़बड़ी' का आरोप

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि राजद उम्मीदवार के नामांकन प्रक्रिया में ही गंभीर खामियां थीं, जिसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि चुनाव के दौरान भाजपा समर्थकों को मतदान करने से रोका गया और प्रशासन ने शिकायतों के बावजूद कोई उचित कार्रवाई नहीं की।

मतगणना में अनियमितता का मुद्दा

अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि याचिकाकर्ता (डॉ. रणविजय) के पक्ष में पड़े कई वैध मतों की गिनती ही नहीं की गई। साथ ही, कुछ विशेष मतदान केंद्रों के वोटों की गिनती भी अलग तरीके से की गई। याचिका में दावा किया गया है कि यदि मतगणना पारदर्शी तरीके से होती, तो परिणाम कुछ और होता।

प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

भाजपा उम्मीदवार के अनुसार, चुनाव के दौरान और बाद में हुई इन गड़बड़ियों के बारे में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को अभ्यावेदन (Representation) दिया गया था। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण अंततः उन्हें न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

24 फरवरी को होगी अगली 'जंग'

हाईकोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद अब गोह विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी, 2026 की तारीख मुकर्रर की है। तब तक राजद खेमे को इन गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए तैयारी करनी होगी।