बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन पर पटना हाईकोर्ट सख्त, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव तलब

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में बायो मेडिकल कचरे के प्रबंधन और निष्पादन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया है।

Patna - : पटना उच्च न्यायालय ने बिहार में मेडिकल कचरे के असुरक्षित निस्तारण से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया है। 

सदस्य सचिव को हलफनामा दायर करने का आदेश

चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सदस्य सचिव को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। बोर्ड को यह स्पष्ट करना होगा कि 'बायो मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016' के प्रावधानों को धरातल पर उतारने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। 

30 मार्च को वर्चुअल पेशी और निविदा पर जवाब

अदालत ने इस मामले में निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें आगामी 30 मार्च, 2026 को बोर्ड के सदस्य सचिव को वर्चुअल रूप से कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने बोर्ड को निर्देश दिया है कि मेडिकल कचरा निष्पादन से संबंधित निविदा (Tender) प्रक्रिया को अंतिम रूप दें और अगली सुनवाई में इसकी प्रगति से अवगत कराएं।  

अगली सुनवाई की तिथि

बायो मेडिकल कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन और पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू हुई इस कानूनी प्रक्रिया की अगली सुनवाई अब 30 मार्च, 2026 को मुकर्रर की गई है।