Bihar News : देश का पहला हाईकोर्ट बना पटना उच्च न्यायालय, ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए जारी की एसओपी, दो दिनों में 490 मामलों का हुआ निष्पादन
Bihar News : पटना हाईकोर्ट देश का पहला हाईकोर्ट है,जिसने ग्रीष्मकालीन अवकाश मे वर्चुअल मोड सुनवाई के लिए एस ओ पी घोषणा की।
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने भारतीय न्यायिक प्रणाली में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश का पहला ऐसा उच्च न्यायालय होने का गौरव हासिल किया है, जिसने ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) के दौरान वर्चुअल मोड में मामलों की सुनवाई के लिए बकायदा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की घोषणा की है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशानुसार और भारत सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के आलोक में इस ऐतिहासिक कदम को उठाने वाला पटना हाईकोर्ट पूरे देश में प्रथम स्थान पर आ गया है। इस फैसले को भारतीय न्याय व्यवस्था को डिजिटल और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
छुट्टियों के शुरुआती दो दिनों में 900 मामले हुए थे सूचीबद्ध
इस नई व्यवस्था के तहत पटना हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश के शुरुआती दो दिनों (18 मई और 19 मई, 2026) के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। इसके तहत अलग-अलग नौ (9) विशेष बेंचों का गठन किया गया, जिनके समक्ष त्वरित सुनवाई के लिए कुल 900 मामलों को सूचीबद्ध (लिस्ट) किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छुट्टियों के दौरान भी अति-महत्वपूर्ण और लंबित मामलों की सुनवाई को बिना किसी बाधा के जारी रखना था, ताकि आम जनता को समय पर न्याय मिल सके।
पहले दिन 18 मई को 222 मामलों का हुआ सफल निष्पादन
वर्चुअल सुनवाई के पहले ही दिन यानी 18 मई, 2026 को हाईकोर्ट की मुस्तैदी का बड़ा असर देखने को मिला। तकनीकी रूप से सुसज्जित नौ बेंचों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ताबड़तोड़ सुनवाई की। इस दौरान विभिन्न प्रकृति के लगभग 222 मामलों पर गंभीर विमर्श और दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा उनका अंतिम रूप से निष्पादन (फैसला) कर दिया गया। पहले दिन की यह बड़ी सफलता न्यायिक अधिकारियों और वकीलों के बीच डिजिटल समन्वय का बेहतरीन उदाहरण रही।
दूसरे दिन 19 मई को रफ्तार हुई तेज, 268 और याचिकाएं निपटाए गए
इस डिजिटल मुहिम के दूसरे दिन यानी आज, 19 मई 2026 को यह रफ्तार और भी तेज नजर आई। तकनीक के सुचारू उपयोग और जजों की तत्परता के चलते विभिन्न बेंचों के समक्ष आई 268 अन्य याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की गई और मामलों को सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया। दूसरे दिन का यह आंकड़ा यह साफ दर्शाता है कि पूरी व्यवस्था इस नए वर्चुअल सेटअप को अपनाकर मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
न्यायिक क्षेत्र में बेहद सकारात्मक परिणाम, आम जनता को मिली बड़ी राहत
ग्रीष्मकालीन अवकाश के शुरुआती महज दो दिनों के भीतर ही कुल 490 मामलों की सुनवाई कर उनका निष्पादन किया जाना न्यायपालिका के लिए बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम दिखा रहा है। कानूनी जानकारों का मानना है कि पटना हाईकोर्ट का यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के हाईकोर्ट्स के लिए भी एक नजीर (उदाहरण) साबित होगा। इस नई व्यवस्था से न केवल लंबित मुकदमों का बोझ कम हो रहा है, बल्कि भीषण गर्मी में दूर-दराज से आने वाले मुवक्किलों और वकीलों को भी घर बैठे न्याय मिलने से बड़ी राहत मिली है।