पटना में 'सहयोग शिविर' का भव्य आगाज: मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले दिन 41 पंचायतों में लगी चौपाल, 30 दिनों में होगा निपटारा
Patna : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणा के आलोक में राजधानी पटना में “सबका सम्मान, जीवन आसान” संकल्प के तहत पंचायतवार सहयोग शिविरों की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। आम जनता की बुनियादी और प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी ऑन-स्पॉट समाधान के उद्देश्य से अब प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को इन विशेष शिविरों का आयोजन राज्यव्यापी स्तर पर किया गया।
मौके पर पंजीकरण और 30 दिनों की समय-सीमा
जिला प्रशासन द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन सहयोग शिविरों में आने वाले आम लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं का मौके पर ही डिजिटल पंजीकरण किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन लेना ही काफी नहीं है, बल्कि परिवाद दर्ज होने की तिथि से ठीक 30 दिनों के भीतर उसका हर हाल में गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करना होगा। समाधान के बाद पूरी रिपोर्ट को सहयोग पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और आवेदक को लिखित रूप से इसकी सूचना भी दी जाएगी।
कलेक्टर ने जारी किया रोस्टर, एसडीओ संभालेंगे कमान
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह द्वारा जिले की सभी पंचायतों के लिए तिथिवार रोस्टर निर्धारित कर दिया गया है। शिविरों के पारदर्शी और सफल संचालन के लिए जिला स्तर से कई वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई। इसके साथ ही, कानून-व्यवस्था और मॉनिटरिंग को दुरुस्त रखने के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) को अपने-अपने क्षेत्रों में इन शिविरों की लगातार निगरानी और अनुश्रवण करने की बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहले दिन 41 पंचायतों में उमड़ी भीड़, लगे 19 विभागों के स्टॉल
अभियान के पहले दिन सोमवार, 19 मई को पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों की कुल 41 पंचायतों में एक साथ सहयोग शिविर लगाए गए। ग्रामीण इलाकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा गया। शिविर स्थलों पर जनता की सहूलियत के लिए राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण समेत कुल 19 महत्वपूर्ण विभागों के अलग-अलग काउंटर और स्टॉल लगाए गए हैं। यहाँ लोगों की शिकायतें सुनने के साथ-साथ उन्हें सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु ऑन-स्पॉट सहायता दी जा रही है।
अधिकारियों ने चलाया जन-जागरूकता अभियान
इस महाअभियान को पूरी तरह सफल बनाने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (वीडियो), अंचल अधिकारियों (सीओ) और संबंधित तकनीकी विभागों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया। माइक और विज्ञापनों के जरिए लोगों को शिविर की तारीखों की जानकारी दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग अपनी समस्याओं को लेकर बेझिझक सरकार के द्वार तक पहुंच सकें।
कुलदीप भारद्वाज की रिपोर्ट